नई दिल्ली। रिलायंस इंडस्ट्रीज यानी आरआईएल का शेयर हमेशा से ही देश और विदेश के निवेशकों के साथ ही म्यूचुअल फंड की पहली पसंद रहा है। लेकिन जुलाई के दौरान म्यूचुअल फंड कंपनियों ने अपनी स्कीमों से आरआईएल के शेयर की जमकर बिकवाली की है। ऐसा आमतौर पर नहीं होता है, लेकिन इस बार हुआ है। आइये जानते हैं ऐसा इस बार क्यों हुआ और इसके कारण क्या हैं।
रिलायंस के शेयर ने केवल जुलाई 2020 में ही करीब 21.35 फीसदी का रिटर्न दिया है। वहीं तमाम ग्लोबल टेक कंपनियों के साथ मल्टी-बिलियन डील करने के बावजूद जुलाई में रिलायंस का शेयर म्यूचुअल फंड स्कीमों की बिकवाली लिस्ट में टॉप पर ही रहा। म्यूचुअल फंड के आंकड़ों के अनुसार जुलाई 2020 में 4 साल में पहली बार रिलायंस में इक्विटी म्यूचुअल फंड स्कीमों इनफ्लो निगेटिव रहा है। आंकड़ों के मुताबिक म्यूचुअल फंड की इक्विटी स्कीमों ने जुलाई में रिलायंस के करीब 6,674 करोड़ रुपये के शेयरों की बिकवाली की हैं। जबकि रिलायंस का शेयर अपने मार्च महीने कि निचले स्तर से करीब 100 फीसदी से ज्यादा की छलांग लगाते हुए रिकॉर्ड हाई पर चल रहा है। हालांकि म्यूचुअल फंड की तरफ से जुलाई में की गई भारी बिकवाली के बावजूद रिलायंस अभी भी लगभग सभी म्यूचुअल फंड हाउसों की टॉप 10 होल्डिंग में है।
म्यूचुअल फंड बाजार के जानकारों का कहना है कि इस रिलायंस में जोरदार तेजी को देखते हुए फंड मैनेजरों ने मुनाफा वसूली शुरू कर दी है। वहीं दूसरी तरफ निवेशकों के पोर्टफोलियो में रिलायंस के पार्टली पेड राइट शेयरों की तरफ भी रणनीतिक शिफ्ट हुई है। अगले साल यह रिलायंस के यह पार्टली पेड राइट शेयर पूर्ण शेयर में बदल जाएंगे। म्यूचुअल फंड से लेकर ज्यादातर बड़े निवेशकों ने इन राइट शेयर में काफी पैसा लगा रखा है। यही कारण है कि म्यूचुअल फंड मैनेजर फिलहाल रिलायंस को बेच कर मुनाफा कमा रहे हैं और बाद में उनको राइट के बदले शेयर मिल ही जाएंगे, वह भी एक साल पुराने रेट पर।
रिलायंस के अलावा जुलाई में म्यूचुअल फंड कंपनियों ने एचडीएफसी बैंक और एचडीएफसी में भी बिकवाली की है। जुलाई 2020 में म्युचुअल फंडों ने एचडीएफसी बैंक के करीब 2,072 करोड़ रुपये के शेयर बेचे हैं, वहीं एचडीएफसी के करीब 1,546 करोड़ रुपये के शेयर बेचे हैं। वहीं जुलाई में एक्सिस बैंक और भारती एयरटेल के अलावा एचयूएल के शेयरों में भी बिकवाली देखने को मिली है। हालांकि ताजा आंकड़ों के अनुसार जुलाई 2020 में म्यूचुअल फंड कंपनियों ने टीसीएस में करीब 886 करोड़ रुपये के शेयर खरीदें हैं। इसके अलावा पीआई इंडस्ट्रीज, एसीसी, पेज इंडस्ट्रीज जैसे शेयरों में भी म्यूचुअल फंड कंपनियों ने खरीदारी की है।
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