नयी दिल्ली। अभी भी लोग एफडी या पोस्ट ऑफिस की स्कीम को ज्यादा सुरक्षित मानते हैं। ये सही भी है। इन ऑप्शनों में आपका पैसा सुरक्षित रहता है और नुकसान की संभावना नहीं होती। मगर यहां काफी सीमित रिटर्न मिलता है। दूसरे इस बात की भी टेंशन रहती है कि कब ब्याज दरें घट जाएं। एफडी में पहले से ब्याज दरें काफी निचले स्तर पर आ गयी हैं, इसलिए परंपरागत निवेशकों को भी नये ऑप्शनों की तलाश करनी चाहिए। म्यूचुअल फंड इस लिहाज से बेहतर है। यहां आपको तगड़ा रिटर्न मिल सकता है। साथ ही पैसा सुरक्षित भी रहेगा। आपका पैसा एक्सपर्ट निवेश करते हैं। निवेश से पहले काफी रिसर्च की जाती है। जहां तक रिटर्न का सवाल है तो ऐसी भी स्कीमें हैं जिन्होंने एफडी से कई गुना तक रिटर्न दिया है। यहां उस योजना के बारे में बात करेंगे, जिसने केवल एक हफ्ते में एफडी से दोगुना रिटर्न दिया है।
एसबीआई बैंकिंग एंड फाइनेंशियल सर्विसेज फंड ने पिछले लंबे समय में लगातार बढ़िया प्रदर्शन किया है। पिछले एक हफ्ते में फंड ने 14.53 फीसदी रिटर्न दिया है। एफडी पर 7 दिन की अवधि में बेहद कम ब्याज मिल पाएगा। इस लिहाज से एसबीआई बैंकिंग एंड फाइनेंशियल सर्विसेज फंड ने एक हफ्ते में एफडी की तुलना में दोगुने से अधिक रिटर्न दिया है।
एसबीआई बैंकिंग एंड फाइनेंशियल सर्विसेज फंड ने पिछले 6 महीनों में 53.12 फीसदी का धांसू रिटर्न दिया है। 6 महीने पहले लम्प सम अमाउंट के रूप में जिस निवेशक ने भी 4 लाख रु का निवेश किया हो, उसकी रकम 53 फीसदी से ज्यादा रिटर्न के साथ आज 6 लाख रु से अधिक से हो गयी होगी। एफडी से 53 फीसदी रिटर्न कमाने में आपको कई साल लग सकते हैं।
एसबीआई बैंकिंग एंड फाइनेंशियल सर्विसेज फंड ने एक महीने में 8.44 फीसदी, तीन महीनों में 30.18 फीसदी, 1 साल में 14.95 फीसदी, तीन साल में सालाना 15.77 फीसदी और 5 साल में सालाना 21.84 फीसदी का रिटर्न दिया है। एसबीआई बैंकिंग एंड फाइनेंशियल सर्विसेज फंड की शुरुआत फरवरी 2015 में हुई थी। तब से इस फंड ने करीब 130 फीसदी का रिटर्न दिया है। यानी निवेशकों का पैसा दोगुने से अधिक हो चुका है।
इस फंड की एयूएम (एसेट अंडर मैनेजमेंट) 2,095 करोड़ रु है। फरवरी 2015 में शुरुआत के बाद से अब तक एसबीआई बैंकिंग एंड फाइनेंशियल सर्विसेज फंड ने 130 फीसदी का रिटर्न दिया है। यानी अगर किसी निवेशक ने एक बार में 5 लाख रु का निवेश किया हो तो उसकी राशि इस समय 11.50 लाख रु हो गयी होगी। म्यूचुअल फंड की यही खासियत है कि यहां बढ़िया रिटर्न की उम्मीद ज्यादा रहती है।
अगर आप म्यूचुअल फंड के बारे में नहीं जानते तो हम आपको बताते हैं। म्यूचुअल फंड कंपनियां निवेशकों से किसी स्कीम के लिए पैसे प्राप्त करती हैं। फिर ये पैसा शेयर बाजार, बॉन्ड या गवर्नमेंट सिक्योरिटीज (जी-सेक) जैसी जगहों में निवेश किया जाता है। आपका पैसा म्यूचुअल फंड कंपनियां निवेश करती हैं और इसीलिए आपसे फीस भी ली जाती है। अलग-अलग स्कीम के लिए फंड हाउस फंड मैनेजर नियुक्त करते हैं। फंड मैनेजर को मार्केट में हर तरह की जानकारी होती है। यही जानकारी म्यूचुअल फंड स्कीम को बेहतर रिटर्न हासिल करने में मदद करती है।
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