नयी दिल्ली। म्यूचुअल फंड आज के समय का निवेश ऑप्शन है। इसमे मुख्य तौर पर 2 कैटेगरी होती हैं। एक डेब्ट और दूसरी इक्विटी। डेब्ट फंड्स का अधिकतर पैसा डेब्ट योजनाओं में लगाया जाता है, जबकि इक्विटी फंड्स में ज्यादातर निवेश शेयर बाजार में किया जाता है। इक्विटी फंड्स में थोड़ा जोखिम है, क्योंकि ये सीधे शेयर बाजार से लिंक होते हैं और शेयर मार्केट के अपने कई जोखिम हैं। मगर ये भी सच है कि इक्विटी फंड्स डेब्ट फंड्स के मुकाबले कहीं बेहतर रिटर्न दे सकते हैं। हम यहां आपको उस कैटेगरी के बारे में बताएंगे, जहां पिछले सिर्फ 1 साल में 57 फीसदी तक का रिटर्न मिला है। यानी 1 साल में 5 लाख रु का निवेश यहां आज की तारीख में 7.5 लाख रु से ज्यादा होगा, जो सीधे 2.5 लाख रु से ज्यादा का मुनाफा है। अगर आप म्यूचुअल फंड्स में निवेश शुरू करना चाहते हैं तो दिवाली का अवसर आपके लिए शुभ हो सकता है।
स्मॉल कैप फंड्स ने पिछले एक साल में औसतन 14 फीसदी रिटर्न दिया है। मिंट की रिपोर्ट के अनुसार स्मॉल कैप फंड ने पिछले एक साल में 57 फीसदी और -2 फीसदी की रेंज में रिटर्न दिया है। बाकी पूरी कैटेगरी पर नजर डालें तो निप्पॉन इंडिया स्मॉल कैप फंड ने पिछले एक साल में 13% फीसदी और एसबीआई स्मॉल कैप फंड ने 14 फीसदी रिटर्न दिया है। एक्सपर्ट कहते हैं कि स्मॉल कैप शेयरों ने हाल के दिनों में अच्छा प्रदर्शन किया है। यह याद रखना चाहिए कि ये कैटेगरी काफी कठिन दौर से गुजरी है।
मिड कैप म्यूचुअल फंड्स ने भी शानदार रिटर्न दिया है। इस कैटेगरी में टॉप प्रदर्शन करने वाले पीजीआईएम इंडिया मिडकैप अपॉर्चुनिटीज फंड ने पिछले एक साल में 34 फीसदी रिटर्न दिया है। वहीं इसी कैटेगरी में सबसे खराब प्रदर्शन मोतीलाल ओसवाल मिडकैप 30 फंड ने किया है, जिसने इसी कैटेगरी में -1.82 फीसदी का रिटर्न दिया है। सबसे बड़े मिड कैप फंड एचडीएफसी मिड-कैप ऑपर्च्युनिटीज फंड ने पिछले एक साल में 7.46 फीसदी का रिटर्न दिया है। डीएसपी मिडकैप फंड ने 15 फीसदी और कोटक इमर्जिंग इक्विटी फंड ने इसी अवधि में 10 फीसदी से अधिक का रिटर्न दिया है।
इन दोनों इक्विटी फंड कैटेगरियां कठिन दौर से गुजरी हैं। कुछ महीनों पहले तक ये दोनों कैटेगरियां औसतन दोहरे अंक में निगेटिव रिटर्न दे रही थीं। पर अब औसतन स्मॉल कैप फंड्स ने पिछले एक साल में 14 फीसदी और मिड कैप म्यूचुअल फंड्स ने समान समय अवधि में औसतन 10 फीसदी से थोड़ा अधिक रिटर्न दिया है।
अगर आप स्मॉल या मिड कैप फंड में निवेश करने की सोच रहे हैं तो ध्यान रखिए कि इन दोनों कैटेगरी में जोखिम भी है। एक्सपर्ट्स कहते हैं कि केवल रिटर्न के पीछे न भागें। मिड और स्मॉल कैप म्यूचुअल फंड में निवेश के जोखिम को समझें। इनमें लार्ज कैप फंड्स के मुकाबले ज्यादा जोखिम होता है। स्मॉल और मिड कैप में तब ही निवेश करें जब आप कम से कम पांच से सात के लिए निवेश करने जा रहे हैं। फंड चुनने से पहले अपनी रिस्क प्रोफाइल भी देखें।
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