नयी दिल्ली। निवेश के हिसाब से आज के समय में म्यूचुअल फंड को अधिकतर जानकार बेस्ट मानते हैं। इसकी एक अहम वजह है बेहतर रिटर्न। ऐसी कई म्यूचुअल फंड स्कीमें हैं, जिन्होंने पिछले कुछ सालों में मोटा रिटर्न दिया है। कई पैसा डबल करने वाली स्कीमों के अलावा 3-6 महीनों या साल भर में तगड़ा मुनाफा कराने वाली स्कीमें भी हैं। मगर बावजूद इसके पिछले कई महीनों से निवेशक म्यूचुअल फंड से पैसा निकाल रहे हैं। पिछले महीने भी म्यूचुअल फंड्स हजारों करोड़ रु निकाले गए। यदि आप म्यूचुअल फंड निवेशक हैं या निवेश करने की सोच रहे हैं तो ऐसे में आपके मन में बड़ा सवाल आ सकता है कि मुझे क्या करना चाहिए। आइए जानते हैं इस सवाल का जवाब।
फरवरी लगातार आठवां महीना रहा, जिसमें इक्विटी योजनाओं में से पैसा निकाला गया। पिछले महीने इक्विटी ओरिएंटेड योजनाओं में से 10,468.02 करोड़ रु निकाले गए, जबकि जनवरी में यह आंकड़ा 9,253.22 करोड़ रु का रहा था। इसकी एक अहम वजह है मुनाफा वसूली यानी प्रोफिट बुकिंग। जो निवेशक लो लेवल पर निवेश करते हैं वो शेयर बाजार के ऊपर पहुंचने पर मुनाफा काट लेते हैं। शेयर बाजार की तेजी का असर म्यूचुअल फंड की इक्विटी स्कीमों पर पड़ता है, जिससे यहां भी मुनाफा कमाने की गुंजाइश बनती है।
शेयर बाजार के रिकॉर्ड स्तरों पर पहुंचने से इक्विटी फंड का रिटर्न अच्छा हुआ और इसी मौके को निवेशकों ने मुनाफा वसूली के लिए अच्छा समझा। यह एक बड़ा कारण है म्यूचुअल फंड्स से पैसे निकालने का। मगर यह उनके लिए बढ़िया है, जिन्होंने लंबे समय से निवेश जारी रखा हुआ था और अब उनके मुनाफे की रकम काफी अधिक हो गयी थी।
जानकार कहते हैं कि म्यूचुअल फंड में से पैसा निकालने में कभी भी जल्दी न करें। सही मायनों में म्यूचुअल फंड एक लंबी अवधि वाला निवेश ऑप्शन है। इसलिए जब तक आपको सही मुनाफा न मिले तो निवेश जारी रखना चाहिए। दूसरी अहम चीज है टार्गेट। यदि आप किसी लक्ष्य को हासिल करने के लिए निवेश कर रहे हैं तो फिर उसके पूरा होने से पहले पैसा निकालने का सवाल ही नहीं खड़ा होता। हां यदि आपकी स्कीम निगेटिव रिटर्न दे जानकार तुरंत ऐसी स्कीम से निकलने की सलाह देते हैं।
म्यूचुअल फंड में एक साथ मोटी रकम का भी निवेश किया जा सकता है, मगर एसआईपी को ज्यादा बेहतर माना जाता है। एसआईपी के जरिए आप हर महीने थोड़ी-थोड़ी रकम निवेश कर सकते हैं। इससे लंबे समय में बड़ा फंज बनाया जा सकता है। शेयर बाजार में तेजी रहे या गिरावट आपको एसआईपी बरकरार रखनी चाहिए। बाजार गिरने पर आपको सस्ती यूनिट्स मिलेंगी, जबकि बाजार चढ़ने पर मुनाफा होगा।
पिछले महीने यानी फरवरी में फ्लेक्सी कैप फंड में से सबसे अधिक पैसा निकाला गया। फरवरी में इस कैटेगरी से 10,439.9 करोड़ रुपये निकाले गए। ये राशि जनवरी में 5933.67 करोड़ रुपये थी। मल्टी कैप फंड्स, लार्ज एंड मिड कैप फंड और फोकस्ड फंड में निवेश आया।
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