नयी दिल्ली। म्यूचुअल फंड निवेश के लिए एक ऐसा ऑप्शन है, जिससे आप अपने छोटी या लंबी दोनों तरह की अवधि के टार्गेट पूरे कर सकते हैं। प्लानिंग के साथ आप अपने बच्चों की एजुकेशन, अपने रिटायरमेंट, घर खरीदने या बेटी की शादी के लिए अच्छा पैसा जमा कर सकते हैं। इसके लिए आपको कोई बहुत मोटी रकम एक साथ निवेश करने की जरूरत नहीं है, बल्कि आप एसआईपी के जरिए हर महीने थोड़ी-थोड़ी रकम जमा करके लंबे समय में बड़ा फंड तैयार कर सकते हैं। आज के समय में शादी पर बहुत खर्च होता है। आप बेटी की शादी करें उसके लिए अच्छे खासे फंड की जरूरत पड़ सकती है। यहां हम आपको बताएंगे कि कैसे आप बेटी की शादी के लिए 60 लाख रु का फंड तैयार कर सकते हैं।
60 लाख रु का फंड तैयार करने के लिए सबसे पहले आपको पता होना चाहिए कि अच्छा रिटर्न कहां मिलेगा। आम तौर पर म्यूचुअल फंड 10-12 फीसदी रिटर्न देते हैं। 12 फीसदी के अनुमानित रिटर्न के हिसाब से यदि आप हर महीने 6000 रु का निवेश करें तो 20 साल में 60 लाख रु का फंड तैयार किया जा सकता है। एक्सपर्ट्स कहते हैं कि ऐसे टार्गेट के लिए आप मल्टीकैप फंड्स का चुनाव करें। अच्छे मल्टीकैप फंड से आप 20 साल में 60 लाख रु जमा कर सकते हैं।
जोखिम हर तरह के निवेश में होता है। फर्क इतना है कि कहीं कम होगा और कहीं ज्यादा। म्यूचुअल फंड में निवेश पर जोखिम बहुत कम रहता है। खास कर जब आप लंबी अवधि में निवेश करना चाहते हैं तब जोखिम काफी कम हो जाता है। क्योंकि छोटी अवधि में यदि रिटर्न निगेटिव हो जाए तो लंबी अवधि में उसके फिर से पॉजिटिव होने की उम्मीद रहती है।
म्यूचुअल फंड में दूसरी सबसे अच्छी बात ये है कि पैसा आप खुद निवेश नहीं करते। बल्कि आपका पैसा रिसर्च के साथ एक्सपर्ट्स लगाते हैं। उन्हें पता होता है कि कब कहां पैसा लगाना है। बता दें कि म्यूचुअल फंड में आम तौर पर 2 कैटेगरी होती हैं इक्विटी और डेब्ट। इक्विटी स्कीमों में शेयर बाजार में निवेश किया जाता है और इसमें रिटर्न की बेहतर उम्मीद रहती है। वहीं डेब्ट स्कीमों में रिटर्न कम रहता है। मगर वहां जोखिम और भी कम रह जाता है।
टैक्स बचाने के लिए डेब्ट फंड अच्छा ऑप्शन है। डेब्ट फंड पर आपको जो भी मुनाफा होगा उस पर टैक्स या टीडीएस नहीं कटता है। यानी डेब्ट फंड आपको टैक्स के मामले में फायदा पहुंचाएगा। ध्यान रहे कि बेचने या रिडीम करने टैक्स लगेगा। तब इस आधार पर टैक्स लगेगा कि आपने फंड में 3 साल से कम या 3 साल से ज्यादा के लिए निवेश रखा है।
म्यूचुअल फंड में आपको निवेश के बाद इस पर लगातार नजर रखना जरूरी है। ताकि आपको ये मालूम रहे कि जिस स्कीम में आपका पैसा लगा है वो फायदेमंद है भी या नहीं। इसलिए समय समय पर निवेश को चेक करते रहें और जरूरत पड़ने पर पोर्टफोलियो में फेरबदल से न कतराएं।
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