Maharashtra Weather Forecast: दक्षिण-पश्चिम मानसून महाराष्ट्र में सामान्य से पहले पहुंच गया है, जो 35 साल में पहली बार हुआ है. भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने बताया कि मानसून रविवार को राज्य में पहुंच गया. इससे पहले राज्य में मानसून की समय से पहले एंट्री 1990 में हुई थी. तब मानसून ने 20 मई को महाराष्ट्र में दस्तक दी थी. अगले तीन दिनों में मुंबई और आसपास के इलाकों में भारी बारिश की उम्मीद है.

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अगले 3 दिन तक का अनुमान

IMD की वैज्ञानिक सुषमा नायर के मुताबिक मुंबई और महाराष्ट्र के अन्य हिस्सों में आज से लगातार 3 दिनों तक भारी बारिश होगी. पिछले 2 दिनों से मुंबई में प्री-मॉनसून की बारिश हो रही है. मुंबई के आसमान में बादल छाए रहने और पूरे दिन भारी बारिश होने की संभावना है.

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मुंबई के लिए मौसम का अनुमान

26 मई के लिए IMD के अनुमान के मुताबिक मुंबई में बिजली और गरज के साथ बारिश होगी. बोरीवली, चेंबूर, कोलाबा, मुलुंड, पवई, सांताक्रूज़ और वर्ली सहित मुंबई के अलग-अलग स्टेशनों ने इसी तरह के मौसम की स्थिति का अलर्ट दिया है. आज सोमवार को भारी बारिश की संभावना है, जबकि मंगलवार और बुधवार को बादल छाए रहेंगे और बारिश होगी.

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वर्ली और उसके आस-पास के इलाकों में भी 29 मई को अच्छी बारिश होने की संभावना है. IMD ने अलग-अलग इलाकों में मानसून की डेवलपमेंट के बारे में अपडेट दिए हैं. रविवार को यह अरब सागर, कर्नाटक, गोवा, महाराष्ट्र, उत्तरी बंगाल की खाड़ी, मिजोरम, मणिपुर और नागालैंड के कुछ और हिस्सों तक पहुंच गया.

भारत भर में मानसून की एंट्री

मानसून की वर्तमान उत्तरी सीमा में देवगढ़, बेलगाम, कावेरी, मांड्या, धर्मपुरी, चेन्नई, आइजोल और कोहिमा जैसे स्थान शामिल हैं. IMD ने कहा कि मध्य अरब सागर क्षेत्रों और मुंबई सहित महाराष्ट्र के अतिरिक्त भागों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियाँ अनुकूल हैं. यह बेंगलुरु सहित कर्नाटक और आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों में भी आगे बढ़ेगा.

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तमिलनाडु के बचे इलाकों के साथ-साथ पश्चिम-मध्य और बंगाल की खाड़ी के उत्तरी भागों में भी जल्द ही मानसून की सक्रियता देखने को मिलेगी. इसके अलावा पूर्वोत्तर राज्यों में अगले 3 दिनों में मानसून की और प्रगति देखने को मिलेगी.

केरल में जल्द एंट्री

इस साल केरल में भी दक्षिण-पश्चिम मानसून समय से पहले ही आ गया है. यह शनिवार को पहुंचा, जो कि पिछले सालों की तुलना में काफी पहले है. क्योंकि 2009 में यह 23 मई को केरल पहुंचा था. आमतौर पर हर साल 1 जून तक केरल में मानसून आ जाता है, जो फिर पूरे भारत में फैल जाता है और 8 जुलाई तक पूरा हो जाता है.

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आसान भाषा में कहें तो उत्तर-पश्चिम भारत से इसके पीछे हटने का पैटर्न हर साल 17 सितम्बर के आसपास शुरू होकर 15 अक्टूबर तक पूरी तरह समाप्त हो जाता है. वहीं, आमतौर पर यह 7 जून को महाराष्ट्र पहुंचता है. उसके बाद हर साल 11 जून के आसपास मुम्बई पहुंचता है.