नई दिल्ली, जुन 25 । 24 जून को मुम्बई में रिलायंस इंडस्ट्रीज की आम वार्षिक सभा (एजीएम) का आयोजन हुआ थस। इसमें रिलायंस के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने घोषणा की थी की सऊदी अरामको के चेयरमैन यासिर ओथमान अल-रुमायन कंपनी के बोर्ड में बतौर स्वतंत्र निदेशक जुड़ेगे। रिलायंस सऊदी अरामको के साथ ओटूसी डील कर रही है, जिसकी वैल्यू करीब 75 बिलियन डॉलर की है। इसमें सऊदी अरामाको 15 अरब डॉलर की हिस्सेदारी ले रही है। उम्मीद जताई जा रही है कि रिलायंस का अरामको के साथ यह सौदा इसी साल के अंत तक पूरा हो जाएगा।
2 साल पहले हुई थी घोषणा
सऊदी अरामको के साथ संयुक्त गठबंधन की घोषणा रिलायंस ने करीब 2 साल पहले की थी। सरकार से कई मंजूरियां मिलने के बाद आखिरकार अब यह सौदा पूरा होने जा रहा है। मुकेश अंबानी ने ओटूसी बिजनेस में 20 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने के बारे में बताया है कि यह इस साल पूरा हो जाने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि रिलायंस ओटूसी कारोबार में सऊदी अरामको को रणनीतिक भागीदार के रूप में जोड़कर खुश है।
75 अरब डॉलर का है यह कारोबार
मुकेश अंबानी ने 2019 में ओटूसी बिजनेस के मूल्यांकन के बारे में बताया था यह करीब 75 अरब डॉलर का है। इस बिजनेस में समूह की तेल रिफाइनरी और पेट्रोरसायन इकाइयों के साथ ईंधन का खुदरा बिक्री कारोबार भी शामिल किया गया है। रिलायंस इंडस्ट्रीज मुख्य रूप से इनर्जी कंपनी है। यही कारण है कि इसने सऊदी अरामाको को रणनीतिक रूप से जोड़ा है। अरामाको के पास दुनिया का काफी बड़ा क्रूड का भंडार है, तो रिलायंस के पास इसे प्रोसेस करने की क्षमता। ऐसे में दोनों कंपनियों के हित आपस में मेल खाते हैं। यही कारण है कि वित्तीय बाजार के जानकार इस गठबंधन के बारे में बेसब्री से जानना चाहते थे। यह दोनों कंपनियां मिलकर कारोबार को काफी तेजी से बढ़ा सकेंगे।
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