Stock Market Outlook: नए साल की शुरुआत हो गई है. बाजार का मूड भी अच्छा नजर आ रहा है. बाजार में लौटी खरीदारी से सेंटीमेंट पॉजिटिव लग रहा है. इसको लेकर ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म मॉर्गन स्टेनली ने एक रिपोर्ट जारी किया है. इसके मुताबिक निवेश के लिए भारत 2025 में अव्वल बना रहेगा. फर्म को उम्मीद है कि भारत अपने मजबूत इकोनॉमिक इंफ्रा के चलते इमर्जिंग मार्केट में सबसे बढ़िया परफॉर्मेंस वाले इमर्जिंग मार्केट में से एक होगा.
भारतीय बाजारों के लिए कई फैक्टर्स अहम होंगे, जिनमें आर्थिक स्थिरता, बेहतर ट्रेड कंडीशन, इनफ्लेशन कंट्रोल और भरोसेमंद डोमेस्टिक रिस्क कंट्रोल शामिल हैं. साथ ही अगले 4 से 5 सालों में अर्निंग ग्रोथ 18-20% सालाना रहने का अनुमान है.
इनवेस्टमेंट स्ट्रैटेजी और मार्केट आउटलुक
मॉर्गन स्टेनली ने डिफेंसिव सेक्टर के मुकाबले सायक्लिकल सेक्टर पर फोकस करने की सलाह दी है. साथ ही लार्ज कैप के बजाय स्मॉल एंड मिडकैप स्टॉक्स को तवज्जो दिया है. इसके तहत फाइनेंशियल, कंज्युमर डिस्क्रेशनरी, इंडस्ट्रियल और टेक्नोलॉजिकल सेक्टर में हैवीवेट को पसंद है. यह स्ट्रैटेजी एक ऐसे बाजार की उम्मीद करती है जो मैक्रो-ऑपरेटेड स्ट्रैटेजी के बजाय स्टॉक-पिकिंग और बॉटम-अप आउटलुक को रिवॉर्ड करता है.
दरअसल, प्रमुख नीतिगत सुधार भारत की आर्थिक ग्रोथ को गति दे रहे हैं. महाराष्ट्र चुनाव के नतीजों ने प्राथमिक घाटे को खत्म करने, बुनियादी ढांचे पर खर्च बढ़ाने, जीएसटी और डायरेक्ट टैक्सेज में सुधार, फ्री-ट्रेड एग्रीमेंट पर साइन करने और एनर्जी ट्रांसमिशन को प्राथमिकता देने के सरकार के एजेंडे में विश्वास को मजबूत किया है. इन सुधारों से भारत की आर्थिक स्थिति और मजबूत होने की उम्मीद है.
मॉर्गन स्टेनली को उम्मीद है कि फिस्कल कंसोलिडेशन और प्राइवेट इनवेस्टमेंट में ग्रोथ के जरिए व्यापक आर्थिक स्थिरता को मजबूती मिलेगी. पॉजिटिव रियल ग्रोथ-रियल रेट्स के गैप की भी उम्मीद है. फर्म का मानना है कि अमेरिका में मंदी नहीं होने, स्टेबल ऑयल प्राइसेज, मामूली दरों में कटौती और सपोर्टिव लिक्विडिटी वातावरण के साथ मजबूत घरेलू विकास होगा.
अर्निंग्स में 17 फीसदी से ज्यादा की ग्रोथ का अनुमान
सेंसेक्स की अर्निंग्स FY27 तक 17.3% की सालाना दर से बढ़ने का अनुमान है, जो आम सहमति अनुमानों से 15% ज्यादा है. यह ग्रोथ इमर्जिंग प्राइवेट कैपेक्स सायकल, कॉर्पोरेट बैलेंस शीट री-लीवरेजिंग और अनुमानित खपत में संरचनात्मक ग्रोथ से प्रेरित होगी.
भारतीय बाज़ारों पर ग्लोबल फैक्टर
ब्रोकरेज रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय शेयर बाजारों का सेंटीमेंट पॉजिटिव बना हुआ है, जिसमें ग्लोबल फैक्टर्स भी अहम रहेंगे. इसमें अमेरिका और चीन में पॉलिसी एक्टिविटीज के साथ-साथ जियो-पॉलिटिकल इवेंट्स भी शामिल हैं. अन्य इमर्जिंग मार्केट के मुकाबले भारत का बीटा घटकर लगभग 0.4 रह गया है, जो इसके प्रीमियम वैल्यूएशन मल्टीपल्स को सपोर्ट देता है.
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