Moody's ने आज भारत की रेटिंग बीएए3 पर बरकरार रखी है और भारत का आउटलुक स्थिर रखा है। मूडीज की तरफ से कहा गया है कि हाई रेट बढ़ने के बाबजूद पिछले 7 वर्ष से 10 वर्ष में देश की संभावित आर्थिक प्रगति की दर में कमी देखी गई है।

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शुक्रवार को मूडीज की तरफ से एक बयान में कहा गया है कि बीएए3 रेटिंग और स्टेबल आउटलुक बढ़ते घरेलू राजनैतिक रिस्क के कारण नागरिक, समाज और राजनैतिक असंतोष में कमी को भी ध्यान में रखता है।

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मूडीज की तरफ से एक बयान में कहा गया है कि हाई जीडीपी वृद्धि आय के स्तर में धीरे धीरे इजाफा करने और सभी आर्थिक लचीलेपन में योगदान देगी। बयान में कहा गया है कि इसके बदले में यह क्रमिक राजकोषीय समेकन और सरकारी लोन स्थिरीकरण का समर्थन समर्थन करेगा।

ग्लोबल रेटिंग एजेंसी मूडीज इनवेस्टर्स सर्विस की तरफ से बयान में कहा गया है कि इसके अलावा फाइनेंशियल क्षेत्र लगातार मजबूत हो रहा है। जिस वजह से आर्थिक और आकस्मिक देयता रिस्क में काफी कमी आई है। जो पहले रेटिंग दबाव को कम कर रहे थे।

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नरेंद्र मोदी सरकार के बुनियादी ढांचे के विकास पर जोर, पूंजी व्यय में वृद्धि से लॉजिस्टिक प्रदर्शन और कारोबार और परिवहन से संबंधित बुनियादी ढांचे की क्वॉलिटी में ठोस सुधार हुआ है।

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मूडीज ने कहा है कि घरेलू दरों में स्थाई बढ़ोतरी हाई लोन बोझ और कमजोर लोन सामर्थ्य से उत्पन्न रिस्क को उजागर करती है। जो देश की सावरेन रेटिंग के कुछ लॉन्ग स्टैंडिंग विशेषताएं है जिनके बने रहने की उम्मीद है।

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ग्लोबल रेटिंग एजेंसी मूडीज ने अपनी रेटिंग का ओचित्य बताते हुए कहा कि आने वाले 2 वर्षों में घरेलू मांग देश की आर्थिक वृद्धि को गति देगी। इंटरनेशनल स्टैंडर्ड के मुताबिक वृद्धि आय के स्तर में क्रमिक वृद्धि का समर्थन कर सकती हैं जो वर्तमान में कम है।

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