नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गृह राज्य गुजरात से किसानों के लिए एक बेहद अच्छी खबर आई है। किसानों के लिए 3700 करोड़ रु की एक विशेष राहत पैकेज का ऐलान किया गया है। गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने उन किसानों को राहत देने के लिए 3,700 करोड़ रुपये के राहत पैकेज की घोषणा की, जिनकी खरीफ की फसलों को मानसून के दौरान नुकसान हुआ है। रूपाणी ने सोमवार से शुरू हुए पांच दिवसीय मानसून सत्र के पहले दिन कहा मैं किसानों की मदद के लिए 3,700 करोड़ रुपये के पैकेज की घोषणा कर रहा हूं।

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कौन-कौन सी फसलें हुईं बर्बाद

रूपाणी ने गुजरात विधानसभा में कहा कि चालू वर्ष में मानसून समय पर था। शुरुआत में सही अनुपात में बारिश हुई और वो फसलों के अनुकूल थी। फसल उत्पादन अच्छा होने का अनुमान था। लेकिन अगस्त में भारी बारिश ने कई खेतों को नुकसान पहुँचाया, जिससे फसलों को भी नुकसान पहुँचा। उन्होंने कहा कि मूंगफली, धान, कपास, बाजरा, दलहन और सब्जियों की फसलों को नुकसान पहुंचा है। इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के अनुसार कृषि विभाग के एक सर्वेक्षण से पता चला है कि राज्य में 20 जिलों के 133 तालुकों में 37 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में फसलों को नुकसान हुआ है।

कितना मिलेगा किसानों को पैसा

इस राहत पैकेज से 27 लाख किसानों को लाभ होगा। प्रत्येक किसान को प्रति हेक्टेयर 10,000 रुपये, अधिकतम दो हेक्टेयर तक, मिलने की उम्मीद है। जिन किसानों को अपने खेतों में 33 प्रतिशत या उससे अधिक नुकसान उठाना पड़ा वे ही इस राहत पैकेज के तहत पैसा लेने के पात्र होंगे। छोटी जोत वाले किसानों को न्यूनतम 5,000 रुपये का भुगतान किया जाएगा। मुआवजे का लाभ उठाने के लिए किसानों को स्थानीय ई-ग्राम केंद्रों के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन करना होगा।

कम है मुआवजे की राशि

10000 रु के मुआवजे के मुकाबले खेडुत समाज, गुजरात (केएसजी) ने फसल नुकसान का सामना करने वाले किसानों को ज्यादा राशि की मांग की। केएसजी दक्षिण गुजरात के अध्यक्ष रमेश पटेल के अनुसार एक किसान लगभग एक हेक्टेयर धान की फसल पर 50,000 रुपये खर्च करता है। राज्य सरकार का 10,000 रुपये और प्रति हेक्टेयर 5,000 रुपये का मुआवजा काफी कम है। किसानों की मदद के लिए राहत राशि बढ़ाई जानी चाहिए। उन्होंने राज्य सरकार से अनुरोध किया कि सभी किसानों को इसका लाभ मिलना चाहिए। बता दें कि सौराष्ट्र के जिले इस मानसून से सबसे अधिक प्रभावित रहे। राजकोट और अमरेली जिलों में से प्रत्येक की 11 तालुका और कच्छ, जूनागढ़ और सुरेंद्रनगर में प्रत्येक की 10 तालुका को इस राहत पैकेज से लाभ मिलेगा।