नई दिल्ली, सितंबर 18। रविवार को केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) कि तरफ से कहा गया हैं कि देश में इस वित्तीय वर्ष में शुरुआत से अभी तक कुछ प्रत्यक्ष कर संग्रह बढ़कर 8,36,225 करोड़ रु हो गया हैं। वित्तीय वर्ष 2021-22 में समान समय में 6,42,287 करोड़ रुपये का कर संग्रह हुआ था। इस वित्तीय वर्ष का कर कलेक्शन पिछले वित्तीय वर्ष को तुलना में 30 प्रतिशत अधिक हैं। भारत के इकट्ठा हुए कुल प्रत्यक्ष कर संग्रह में कॉरपोरेट टैक्स की हिस्सेदारी 4,36,020 करोड़ हैं और पर्सनल इनकम टैक्स की हिस्सेदारी 3,98,440 करोड़ रुपये है।

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भारत में कर संग्रह से तेजी से बढ़ोतरी हो रही हैं

प्रत्यक्ष कर संग्रह भारत में लगातार बढ़ रहा हैं जो इस बात को दिखा रहा हैं। कोरोना महामारी से भारत की अर्थव्यवस्था बहुत तेजी से उभर रही हैं। इसके साथ ही कर व्यवस्था आसान बन गयी हैं। जिस वजह से भारत में कर संग्रह से तेजी से बढ़ोतरी हो रही हैं।

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शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह 23 प्रतिशत अधिक हैं

पीटीआई रिपोर्ट्स के अनुसार, शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह भारत का 7,00,669 करोड़ रु पर पहुंच गया हैं। ये 23 प्रतिशत अधिक हैं। पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह वित्त वर्ष 2021-22 के दौरान समान अवधि में 568147 करोड़ रु था। कॉर्पोरेट टैक्स से शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह में 3,68,484 करोड़ रु आए हैं। वहीं पर्सनल इनकम टैक्स के जरिए 3,30,490 करोड़ रु आए हैं।

अग्रिम कर संग्रह पहली और दूसरी तिमाही में बढ़कर 2,95,308 करोड़ रु पर पहुंच गया है

अपने बयान में सीबीडीटी की तरफ से कहा गया कि इस वर्ष अप्रैल महीने से लेकर 17 सितंबर 2022 तक वित्तीय वर्ष 2022-23 में कुल अग्रिम कर संग्रह पहली और दूसरी तिमाही में बढ़कर 2,95,308 करोड़ रु पर पहुंच गया है। जो पिछले वर्ष समान अवधि में 2,52,077 रुपये था।