Axis bank: सरकार प्राइवेट सेक्टर के बैंक एक्सिस बैंक में अपनी पूरी हिस्सेदारी बेचने वाली है। सरकार की एक्सिस बैंक में कुल 1.55 प्रतिशत हिस्सेदारी है। सरकार अपने हिस्से की 4.65 करोड़ शेयर बेचने की योजना बना रही है। केंद्र सरकार की स्पेसिफाइड अंडरटेकिंग ऑफ द यूनिट ट्रस्ट ऑफ इंडिया (ASUUTI) की एक्सिस बैंक में 1.55 प्रतिशत हिस्सेदारी है। सरकार जल्द ही इस प्रक्रिया को पूरा करना चाहती है।

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सरकारी संस्था एसयूयूटीआई के पास सितंबर, 2022 तक एक्सिस बैंक में 4,65,34,903 शेयर थे। प्रतिशत के रुप में यह 1.55 प्रतिशत की हिस्सेदारी है। हिस्सेदारी बेचने से सरकार को हाल फिलहाल के बाजार भाव से करीब 4,000 करोड़ रुपये मिलने की उम्मीद है। एक्सिस बैंक के शेयर 874.35 रुपये के आस पास ट्रेड कर रहे हैं।

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पिछले साल भी बेची थी हिस्सेदारी

सरकार संस्था एसयूयूटीआई ने पिछले साल मई में एक्सिस बैंक में अपनी 1.95 प्रतिशत हिस्सेदारी बेची थी। तब कंपनी ने लगभग 4,000 करोड़ रुपये के शेयर बेचे थे। एक्सचेंज फाइलिंग में कंपनी ने कहा है कि ऑफर के पहले दिन 10 नवंबर को केवल गैर-खुदरा निवेशकों को ही अपनी बोली लगाने की अनुमति होगी। 11 नवंबर को रिटेल निवेशक बोली लगा सकेंगे। कंपनी ने बताया है कि सेबी के साथ रजिस्टर्ड म्यूचुअल फंड और आईआरडीएआई के बीमा कंपनियों को ओएफएस का 25 प्रतिशत आवंटित किया जाएगा। (Government of India to sell shares of Axis bank)

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आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज करेगी ब्रोकर का काम

आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज, सिटीग्रुप ग्लोबल मार्केट्स इंडिया और मॉर्गन स्टेनली इंडिया सरकार को अपनी हिस्सेदारी बेचने में मदद के लिए ब्रोकर के रूप में काम करेगी। एक हफ्ते पहले ही यूएस की प्राइवेट इक्विटी कंपनी बैन कैपिटल ने ओपन मार्केट ट्रांजेक्शन के माध्यम से एक्सिस बैंक में अपनी 0.54 प्रतिशत हिस्सेदारी बेच दी थी। कंपनी ने हिस्सेदारी 1,487 करोड़ रुपये में बेची थी।

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एक्सिस बैंक ने सितंबर 2022 की तिमाही में शानदार मुनाफा कमाया था। बैंक का नेट प्रॉफिट 70 प्रतिशत बढ़कर 5,330 करोड़ रुपये हो रहा था। सरकार के हिस्सेदारी बेचने से इसके लाभ पर कुछ असर पड़ सकता है।

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