नई दिल्ली: आयुष्मान भारत के तहत अब लाभार्थियों को काफी फायदा होगा। जी हां देश में आयुष्मान भारत-पीएमजेएवाई के तहत कवर न होने वाले लोगों को जल्द ही केन्द्र सरकार समर्थित एक अन्य स्वास्थ्य बीमा योजना का फायदा मिल सकता है। केन्द्र का थिंकटैंक नीति आयोग ऐसी एक स्वास्थ्य बीमा योजना विकसित कर रहा है। अभी आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (पीएमजेएवाई) के अंतर्गत कवर होने वाले परिवारों को सालाना 5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा मिलता है।
भारत की 40 फीसदी आबादी को कवर करती पीएमजेएवाई
मालूम हो कि आयुष्मान भारत-पीएमजेएवाई भारत की 40 फीसदी आबादी को कवर करती है। आयुष्मान भारत-पीएमजेएवाई के तहत अब तक 11000 करोड़ रुपये से ज्यादा के लगभग 82 लाख ट्रीटमेंट उपलब्ध कराए जा चुके हैं। नीति आयोग बाकी की बची आबादी को स्वास्थ्य बीमा उपलब्ध कराने वाली एक स्कीम पर काम कर रहा है। यह जानकारी आयोग की सालाना रिपोर्ट 2019-20 में दी गई है। यह रिपोर्ट पिछले सप्ताह जारी हुई है। वहीं रिपोर्ट में कहा गया है कि एनएसएसओ सर्वे के 71वें राउंड के मुताबिक 80 फीसदी भारतीयों के पास स्वास्थ्य बीमा नहीं है। Vodafone यूजर्स को तोहफा, कंपनी ने बढ़ा दी इस प्लान की वैधता ये भी पढ़ें
ग्रामीण आबादी में केवल 14 फीसदी के पास स्वास्थ्य बीमा
वहीं शहरी आबादी में से केवल 18 फीसदी (सरकार वित्त पोषित 12 फीसदी) और ग्रामीण आबादी में से केवल 14 फीसदी (सरकार वित्त पोषित 13 फीसदी) के पास स्वास्थ्य बीमा है। इसलिए जो लोग स्वास्थ्य बीमा के दायरे में नहीं आते हैं, उन्हें कवर प्रदान करने के लिए नीति आयोग एक स्कीम पर काम कर रहा है। जानकारी दें कि रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि ये लोग न तो गरीब हैं और न ही गरीबी-रेखा से ऊपर का वंचित वर्ग है। यह आबादी वित्तीय क्षमता और योगदान कर सकने में सक्षम होने के बावजूद स्वास्थ्य बीमा नहीं लिए हुए है। इस आबादी का एक बड़ा हिस्सा असंगठित क्षेत्र से है और ज्यादातर शहरी इलाकों में है।
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