Credit Card For Business: सरकार देश में हर नागरिक के लिए हर संभव काम करने के लिए तत्पर तैयार रहती है। सरकार ने केंद्रीय बजट 2025-26 में लघु, सूक्ष्म और मीडियम बिजनेस (MSME) को मजबूत बनाने के लिए कई अहम कदम उठाए हैं।

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इनमें से एक बड़ी घोषणा सूक्ष्म उद्यमों के लिए क्रेडिट कार्ड है। इस योजना से छोटे कारोबारियों को बिना ज्यादा कागजी झंझट के आसानी से कर्ज मिल सकेगा।

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क्या है यह नया क्रेडिट कार्ड?

सरकार ने सूक्ष्म उद्यमों के लिए एक स्पेशल क्रेडिट कार्ड योजना शुरू की जाएगी, जिसकी मदद से कारोबारी 5 लाख रुपए तक की राशि जरूरत पड़ने पर ले सकेंगे। यह सुविधा खास तौर पर उन्हीं व्यापारियों के लिए है जो सरकारी उद्यम पोर्टल पर रजिस्टर्ड हैं।

सरकार का लक्ष्य है कि इस योजना के पहले साल में करीब 10 लाख कार्ड जारी किए जाएं ताकि ज्यादा से ज्यादा छोटे कारोबारी इससे फायदा उठा सकें।

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कैसे मिलेगा यह क्रेडिट कार्ड?

अगर आप भी एक छोटे व्यापारी हैं और इस कार्ड का फायदा लेना चाहते हैं, तो इसके लिए सबसे पहले उद्यम पोर्टल (msme.gov.in) पर रजिस्ट्रेशन कराना होगा।

रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया इस प्रकार है

सबसे पहले उद्यम पोर्टल पर जाएं, उसके बाद "Quick Links" में दिए गए Udyam Registration पर क्लिक करें, फिर जरूरी दस्तावेज जैसे आधार नंबर, पैन कार्ड, और व्यापार से जुड़ी जानकारी अपलोड करें। फॉर्म भरने के बाद उसे सबमिट करें। कुछ समय बाद आपको रजिस्ट्रेशन प्रमाणपत्र मिलेगा। एक बार रजिस्ट्रेशन पूरा हो जाए तो आपको इस क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन करने का विकल्प मिलेगा।

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गारंटी कवर में बड़ा बदलाव

बजट में एक और बड़ा कदम यह भी उठाया गया है कि अब छोटे व्यापारियों के लिए क्रेडिट गारंटी कवर की सीमा 5 करोड़ रुपए से बढ़ाकर 10 करोड़ रुपए कर दी गई है। इसका मतलब है कि बैंक और वित्तीय संस्थाएं अब छोटे व्यापारियों को ज्यादा यकीन के साथ कर्ज दे सकेंगी, क्योंकि जोखिम सरकार उठाएगी।

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स्टार्टअप्स के लिए भी खास राहत दी गई है। अगर कोई स्टार्टअप प्राथमिकता वाले क्षेत्र में काम कर रहा है, तो उसे सिर्फ 1% चार्ज पर 20 करोड़ रुपए तक का गारंटी कवर मिलेगा। इससे चलने और बिजनेस को बढ़ावा मिलेगा।

नीति आयोग का सुझाव योजनाओं को और आसान बनाएं

नीति आयोग ने सुझाव दिया है कि MSME से जुड़ी सरकारी योजनाएं राज्यों में और ज्यादा आसान होनी चाहिए। आयोग का मानना है कि कई छोटे व्यापारी कठिन नियमों के कारण इन योजनाओं का फायदा नहीं उठा पाते। अगर ऐलिजिबिलिटी और आवेदन प्रक्रिया आसान बना दी जाए, तो ज्यादा कारोबारी आगे आ सकेंगे और इससे जुड़ सकेंगे।

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सरकार का लक्ष्य MSME को बनाना आत्मनिर्भर

भारत की अर्थव्यवस्था में MSME का बड़ा योगदान है। यह क्षेत्र ना सिर्फ करोड़ों लोगों को रोजगार देता है, बल्कि ग्रामीण और शहरी इलाकों में आर्थिक गतिविधि को भी स्पीड देता है। सरकार का मानना है कि अगर छोटे कारोबारियों को समय पर वित्तीय मदद दी जाए, तो वे बड़े उद्योगों की तरह देश की तरक्की में योगदान कर सकते हैं।

बजट 2025-26 में छोटे कारोबारियों को ध्यान में रखते हुए जो नई योजनाएं लाई गई हैं, वे वास्तव में MSME क्षेत्र को मजबूती देने वाली हैं। क्रेडिट कार्ड, बढ़ा हुआ गारंटी कवर, और नीति आयोग के सुझाव यह दिखाते हैं कि सरकार छोटे कारोबारों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए सजग है। आने वाले समय में इन योजनाओं का असर ज़मीन पर दिखेगा और लाखों व्यापारियों को इसका फायदा मिलेगा।