नयी दिल्ली। देश के करोड़ों मोबाइल ग्राहकों को बहुत जल्द महंगाई का झटका लग सकता है। दरअसल वोडाफोन आइडिया (वीआई) बहुत जल्द टैरिफ में बढ़ोतरी कर सकती है। सामने आई रिपोर्ट्स के अनुसार वीआई इस साल के आखिर तक या फिर अगले साल की शुरुआत में मोबाइल टैरिफ में 15-20 फीसदी तक की बढ़ोतरी कर सकती है। वीआई घाटे में है और कंपनी को उबरने के लिए टैरिफ बढ़ोतरी का सहारा लेना पड़ सकता है। बता दें कि सिर्फ वीआई ही नहीं बल्कि एयरटेल और जियो भी टैरिफ में बढ़ोतरी कर सकती हैं। यानी देश के ज्यादातर मोबाइल ग्राहकों को महंगे रिचार्ज का झटका लग सकता है।
ईटी टेलीकॉम की रिपोर्ट के अनुसार वीआई के साथ-साथ भारती एयरटेल भी मोबाइल टैरिफ में बढ़ोतरी कर सकती है। हालांकि वीआई और एयरटेल देश की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी रिलायंस जियो क्या कदम उठाती है इस पर नजर रखेंगी। वीआई टैरिफ में ऐसे समय पर बढ़ोतरी कर सकती है, जब टेलिकॉम कंपनियां रेगुलटर की तरफ से फ्लोर प्राइस तय करने के इंतजार में हैं। वीआई के दिसंबर में ही टैरिफ में बढ़ोतरी करने की संभावना है।
रिपोर्ट के अनुसार टैरिफ में 25 फीसदी तक बढ़ोतरी किए जाने पर बात हो रही है। मगर मामले से जुड़े लोगों का कहना है कि ऐसा एक ही बार में करना मुश्किल होगा। गौरतलब है कि 2016 में जियो की एंट्री के बाद पिछले साल दिसंबर में टेलीकॉम कंपनियों ने पहली बार अपने टैरिफ बढ़ाए थे। टेलीकॉम कंपनियों के लिए अपने प्रति ग्राहक औसत आमदनी (एआरपीयू) को बढ़ाने के लिए टैरिफ बढ़ोतरी करनी पड़ती है। एआरपीयू किसी भी टेलीकॉम कंपनी के लिए बहुत जरूरी है।
सितंबर तिमाही में वीआई एआरपीयू के मामले में सबसे पीछे रही। सितंबर तिमाही के अंत में वीआई का एआरपीयू भारती एयरटेल (162 रुपये) और जियो (145 रुपये) से काफी कम रहा है। वीआई के एक उच्च अधिकारी ने हाल ही में कहा था कि कंपनी टैरिफ बढ़ाने के लिए सबसे पहले आगे कदम उठाने में शर्माएगी नहीं। उन्होंने उम्मीद जताई थी कि उनकी प्रतिद्वंद्वी कंपनियां भी ऐसा ही करेंगी।
भारती एयरटेल के सीईओ गोपाल विट्टल ने कहा है कि कीमतों में बढ़ोतरी करने वाली यह पहली कंपनी नहीं होगी। लेकिन यह अपने प्रतिद्वंद्वी कंपनियों को फैसले को तुरंत फॉलो करेगी। एयरटेल भी इस बात पर सहमत है कि वर्तमान रेट अस्थिर हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार टैरिफ में बढ़ोतरी से वीआई को काफी सहारा मिलेगा। टैरिफ में बढ़ोतरी से वीआई के कैशफ्लो में 40 करोड़ डॉलर का इजाफा हो सकता है। वीआई के सामने एजीआर की किस्त चुकाने की भी चुनौती है। वीआई पर एजीआर और कर्ज के रूप में 1.7 लाख करोड़ रु की देनदारी है।
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