नई दिल्ली। कोरोना महामारी के चलते देश और दुनिया में लॉकडाउन के हालात है। वहीं अब भारत में धीरे धीरे सामानों की बिक्री की इजाजत मिलना शुरू हो गई है। आमतौर पर हर माह करोड़ों मोबाइल फोन इसलिए खरीदे जाते हैं कि पुराना खराब हो गया है। लेकिन अब मोबाइल फोन महंगा होने जा रहा है। इसका सबसे बड़ा कारण बिगड़ती अर्थव्यवस्था के चलते डॉलर के मुकाबले रुपया लगातार कमजोर हो रहा है। वहीं मोबाइल फोन तैयार करने के लिए भारत अभी भी इसके पार्ट्स आयात पर निर्भर करता है। ऐसे में यह पार्ट्स महंगे पड़ने लगे हैं, और इसके चलते नए बनने वाले मोबाइल फोन महंगे हो सकते हैं।
रुपये में तेजी से आ रही गिरावट
वित्तीय बाजार के जानकारों के अनुसार, पिछले 4 महीने के अंदर रुपये में तेजी से गिरावट देखने को मिली है। रुपये ने डॉलर के मुकाबले 76 रुपये का स्तर छू लिया है। ऐसे में हैंडसेट कंपनियों के लिए कच्चा माल महंगा हो गया है, लिहाजा आने वाले दिनों में हैंडसेट के दाम बढ़ सकते हैं।
70 से 80 फीसदी सामान होता है आयात
मोबाइल फोन कंपनियों के लिए पहले लॉकडाउन सरदर्द बना और अब रुपये की गिरावट समस्या बन रहा है। हालांकि लॉकडाउन के चलते हैंडसेट की मांग में भी कमी देखी गई है। लेकिन अब मोबाइल फोन की बिक्री फिर से रफ्तार पकड़ने वाली है। ऐसे में इनका महंगा होना तय माना जा रहा है।
लॉकडाउन के बीच ढील में शुरू हुई बिक्री
लॉकडाउन में दी गई छूट के बीच कंपनियों ने मोबाइल हैंडसेट की बिक्री शुरू की है। कई कंपनियों ने अपने यहां प्रॉडक्शन भी फिर से चालू कर दिया है। पिछले 4 महीनों के अंदर रुपये की वैल्यू 7 फीसदी तक गिरी है।
यह भी पढ़ें : जियो से तगड़ा प्लान लेकर आई ये कंपनी, जानें फायदे
More Articles
- भारी बारिश का अलर्ट: बाढ़ में डूबी कार को स्टार्ट न करें, क्लेम पाने का सही तरीका जानें
- Manipal Health IPO: ₹9,275 करोड़ का बड़ा दांव, क्या आपको अप्लाई करना चाहिए?
- ITR फाइल करने का आज आखिरी मौका: क्या आज के बाद लगेगा जुर्माना? जानें बचने का तरीका
- US Fed का फैसला आज रात: क्या भारतीय बाजार में आएगी बड़ी हलचल? जानें ट्रेडर्स के लिए खास रणनीति
- GST QRMP स्कीम: PMT-06 पेमेंट में 35% चालान चुनें या सेल्फ-असेसमेंट? ब्याज से बचने का पूरा गणित
- ITR फाइलिंग की डेडलाइन: 31 जुलाई से पहले निपटा लें ये जरूरी काम, वरना होगा नुकसान