नई दिल्ली। केंद्र की मोदी सरकार ने स्वास्थ्य को लेकर मध्यम वर्ग को बड़े तोहफे का ऐलान किया है। मोदी सरकार ने आयुष्मान भारत योजना का दायरा बढ़ाया है। इस दायरे में अब देश के मध्यम वर्गीय परिवारों को भी शामिल करने का फैसला हुआ है। इस फैसले के बाद मध्यम वर्गीय परिवारों को भी इलाज के लिए सालाना 5 लाख रुपये का हेल्थ कवर फ्री में मिल सकेगा। अभी तक इस योजना का लाभ केवल आर्थिक रूप से पिछड़े हुए लोगों को ही दिया जा रहा था। मोदी सरकार ने आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत अपनी सभी स्वास्थ्य बीमा योजनाओं को एकीकृत करने का फैसला किया है। नेशनल हेल्थ अथॉरिटी (एनएसए) की गवर्निंग काउंसिल ने देशभर में इसके लिए अपनी मंजूरी प्रदान कर दी है। इसके बाद इस योजना का मिडिल क्लास को फायदा मिल सकेगा।

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https://pmjay.gov.in/

पहले चलाया जाएगा पायलट प्रोजेक्ट

एनएसए की मंजूरी के बाद अब देश में आयुष्मान भारत योजना का पायलट प्रोजेक्ट शुरू होगा। इसमें यह देखा जाएगा कि आयुष्मान भारत योजना को प्रभावी तरीके से लागू करने के लिए कौन-कौन से कदम उठाने की जरूरत है। इस योजना को लागू करने वाली बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने की। इसी बैठक में मध्यम वर्ग को राहत देने का फैसला किया गया है। ध्यान रहे कि देश में आयुष्मान भारत योजना के तहत करीब 10.74 करोड़ परिवारों के 53 करोड़ लोग लाभ उठा रहे हैं। आयुष्मान भारत योजना के तहत 5 लाख रुपये तक का इलाज फ्री में कराया जा सकता है। 

जानिए किन लोगों को मिलेगा फायदा

नेशनल हेल्थ अथॉरिटी (एनएसए) के अनुसार आयुष्मान भारत योजना का दायरा बढ़ने से सबसे अधिक फायदा इनफॉर्मल सेक्टर में काम करने वालों को होगा। अभी तक यह लोग किसी भी हेल्थ इंश्योरेंस स्कीम के दायरे में नहीं आते हैं। इनफॉर्मल सेक्टर में काम करने वाले लोगों के अलावा इस योजना से स्वरोजगार करने वाले, एमएसएमई सेक्टर में काम करने वाले और मध्यम वर्गीय किसानों को बहुत फायदा होगा।

जानिए अन्य फायदे

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन के अनुसार नेशनल हेल्थ अथॉरिटी के गवर्निंग बोर्ड ने भारत सरकार के विभिन्न मंत्रालयों की तरफ से चलाई जा रही स्वास्थ्य योजनाओं को आयुष्मान भारत योजना में एकीकृत करने को मंजूरी भी दे दी है। इससे सरकारी और निजी क्षेत्र में कॉन्ट्रैक्ट पर काम करने वाले लोगों, कंस्ट्रक्शन कार्य में लगे लोगों, सेंट्रल आर्म्ड फोर्स के जवानों और सड़क दुर्घटना के शिकार लोगों को इलाज में काफी मदद मिलेगी।