Mehul Telecom का SME IPO आज, 21 अप्रैल को अपने आखिरी पड़ाव पर पहुंच गया है। निवेशक डेडलाइन खत्म होने से पहले शेयर हासिल करने के लिए जमकर बोलियां लगा रहे हैं। टेलीकॉम सेक्टर की इस उभरती कंपनी के लिए यह आईपीओ एक बड़ा मील का पत्थर माना जा रहा है। बाजार के जानकारों की नजर आज सभी कैटेगरी में होने वाले सब्सक्रिप्शन आंकड़ों पर टिकी है।

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इस पब्लिक ऑफर को रिटेल और नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NII) की ओर से शानदार रिस्पॉन्स मिला है। खासकर रिटेल निवेशक क्लोजिंग से पहले काफी उत्साह दिखा रहे हैं। यह डिमांड कंपनी के बिजनेस मॉडल और भविष्य की ग्रोथ पर निवेशकों के भरोसे को दर्शाती है। आज की सफल क्लोजिंग के बाद आने वाला हफ्ता काफी हलचल भरा रहने वाला है।

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Mehul Telecom SME IPO: क्या है GMP और सब्सक्रिप्शन का हाल?

ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) फिलहाल शेयर की दमदार लिस्टिंग की ओर इशारा कर रहा है। अनऑफिशियल मार्केट में आज बढ़त का ट्रेंड देखा जा रहा है। अक्सर आखिरी घंटों में बढ़ता GMP रिटेल निवेशकों को और ज्यादा आकर्षित करता है। इस प्रीमियम से संकेत मिल रहे हैं कि शेयर की लिस्टिंग इसके इश्यू प्राइस से काफी ऊपर हो सकती है।

निवेशक कैटेगरीसब्सक्रिप्शन रेट
रिटेल कैटेगरी10.50 गुना
नॉन-इंस्टीट्यूशनल5.20 गुना
कुल सब्सक्रिप्शन8 गुना से ज्यादा

निवेशकों को अब 22 अप्रैल से शुरू होने वाली अलॉटमेंट प्रक्रिया के लिए तैयार रहना चाहिए। जिन सफल बोलीदाताओं को शेयर अलॉट होंगे, उनके डीमैट अकाउंट में जल्द ही शेयर क्रेडिट कर दिए जाएंगे। वहीं, जिन्हें शेयर अलॉट नहीं हो पाएंगे, उनके रिफंड की प्रक्रिया तुरंत शुरू कर दी जाएगी। आप रजिस्ट्रार की वेबसाइट पर अपना PAN नंबर डालकर अलॉटमेंट स्टेटस चेक कर सकते हैं।

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Mehul Telecom SME IPO: अलॉटमेंट और लिस्टिंग की जरूरी तारीखें

कंपनी के शेयरों की लिस्टिंग 24 अप्रैल को BSE SME प्लेटफॉर्म पर होने की उम्मीद है। लिस्टिंग वाले दिन सुबह 10 बजे से ट्रेडिंग शुरू हो जाएगी। इस तेज टाइमलाइन की वजह से शुरुआती निवेशकों के बीच काफी उत्साह बना हुआ है। शुक्रवार को ओपनिंग प्राइस क्या रहता है, इसी पर निवेशकों की आगे की स्ट्रैटेजी निर्भर करेगी कि वे शेयर बेचकर निकलें या उसे होल्ड करें।

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हालांकि, रिटेल ट्रेडर्स को यह ध्यान रखना चाहिए कि SME IPO में निवेश करना जोखिम भरा हो सकता है। मेनबोर्ड आईपीओ के मुकाबले इनमें उतार-चढ़ाव ज्यादा और लिक्विडिटी कम होती है। इसलिए, इस सेगमेंट में एंट्री करने से पहले अपनी रिस्क क्षमता का आकलन जरूर करें। शेयर बाजार में किसी भी बड़े निवेश से पहले अपने फाइनेंशियल एडवाइजर की सलाह लेना बेहतर रहता है।