नई दिल्ली, फरवरी 24। रूस ने यूक्रेन में सैन्य हमले शुरू कर दिए हैं। इससे रूस के शेयर बाजार को भारी नुकसान हुआ है। इस हमले ने आपातकालीन केंद्रीय बैंक कार्रवाई की जरूरत को बढ़ा दिया और रूस के निवेशकों ने पश्चिमी प्रतिबंधों के सबसे कठिन दौर के लिए खुद को तैयार किया। नतीजे में रूस के शेयर बाजार की वैल्यू में 259 अरब डॉलर की गिरावट आई। रूस की करेंसी रूबल एक रिकॉर्ड निचले स्तर पर गिर गई और रूसी डेब्ट पर बीमा करने की लागत 2009 के बाद से सबसे अधिक हो गई। रूस के स्टॉक्स 45 फीसदी तक गिर गए। ये उनका अब तक की सबसे बड़ी गिरावट है। बैंक ऑफ रूस ने कहा कि वह वर्षों में पहली बार विदेशी मुद्रा बाजार में हस्तक्षेप करेगा और वित्तीय बाजारों में अस्थिरता को कम करने के उपाय करेगा।
यूक्रेन पर सैन्य हमले से वैश्विक बाजारों पर गहरा संकट छा गया है और जोखिम से बचने का एक नया दौर शुरू हो गया। इसके नतीजे में सोने में दर्ज की गई है। राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन द्वारा रूस के पड़ोसी को 'विसैन्यीकरण' करने के लिए एक ऑपरेशन का आदेश देने के बाद रूसी एसेट्स को मुख्य झटका लगा। इस हमले के बाद रूस को अंतरराष्ट्रीय निंदा और 'गंभीर प्रतिबंधों' के खतरे का सामना है।
जानकारों का मानना है कि गेंद अब पश्चिम के पाले में है। यह देखना होगा कि रूस पर प्रतिबंध कितनी दूर तक जाते हैं और क्या रूस को वैश्विक वित्तीय प्रणाली में रखा जाएगा। रूसी केंद्रीय बैंक ने ब्याज दरें बढ़ाने का कोई जिक्र नहीं किया, लेकिन कहा कि यह रातोंरात रेपो नीलामी में 1 ट्रिलियन रूबल (11.5 अरब डॉलर) की पेशकश करके बैंकों को अतिरिक्त लिक्विडिटी प्रदान करेगा। नीति निर्माताओं ने मुद्रास्फीति पर काबू पाने के लिए पिछले 12 महीनों में बेंचमार्क दर में 525 आधार अंकों की वृद्धि की है।
मॉस्को में दोपहर के शुरुआती कारोबार में स्टॉक और रूबल ने नुकसान को कुछ कम किया। इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार रात 12:59 बजे तक 9.4% की गिरावट के बाद रूबल 3.6% नीचे 84.2250 पर था। एमओईएक्स इंडेक्स ने अपना नुकसान घटाकर 25% कर दिया। रूस के सबसे बड़े ऋणदाता एसबरबैंक पीजेएससी का शेयर 114 रूबल पर 45% नीचे था। गज़प्रोम पीजेएससी 39% कमजोर था।
रूस के सॉवरेन बांड गिर गए। कुछ बहुत अधिक निचले स्तरों पर गिर गए। और देश का क्रेडिट-डिफॉल्ट स्वैप प्रीमियम 750 से ऊपर चला गया। अब तक रूसी केंद्रीय बैंक की प्रतिक्रिया आठ साल पहले की तुलना में अधिक मापी गई है जब यूक्रेन में संघर्ष पहली बार भड़का गया था।
बुधवार को कारोबार बंद होने पर शेयर बाजार में बीएसई पर लिस्टेड कंपनियों की मार्केट कैपिटल 255.68 लाख करोड़ रु थी, जो आज की क्लोजिंग पर 242.24 लाख करोड़ रु रह गयी। यानी आज की गिरावट से निवेशको को 13.44 लाख करोड़ रु का नुकसान हुआ। आज एसएंडपी बीएसई सेंसेक्स के सभी 30 स्टॉक भारी गिरावट के साथ बंद हुए।
More Articles
- Russia ने 6 महीने में बेच दिया 44 टन सोना! रूस क्यों घटा रहा है अपना Gold Reserve?
- Market Outlook: गिरते बाजार में घबराएं नहीं, इन Levels और Sectors पर रखें नजर
- South Korea Market Crash: चिप कंपनियों की बिकवाली से Kospi में दूसरे दिन बड़ी गिरावट, भारत पर कितना असर?
- Godfrey Phillips Share: कमजोर नतीजों से टूटा निवेशकों का भरोसा, शेयर में 8% तक की बड़ी गिरावट
- Market Strategy: Index नहीं, सही Stocks चुनिए; गिरावट में हो सकती है कमाई!
- Donald Trump की रणनीति से क्यों डरा Share Market? पढ़िए Sharad Kohli का Analysis