नई दिल्ली: सुजुकी मोटर कॉर्प का कहना है कि वह अब भारत के ऑटो बाजार में आगे बढ़ने के लिए उत्साहित नहीं है। भारत दुनिया का चौथा सबसे बड़ा बाजार है, जहां सुजुकी ने पिछले सात वर्षों में लगातार वृद्धि देखी है। वहीं जापानी ऑटोमेकर की चेतावनी ऐसे वक्त में आयी है जब भारत में उसकी बिक्री में लगातार गिरावट आयी है। भारत में बिकने वाली कुल कारों का आधा हिस्सा मारुति सुज़ुकी बेचती है। हालांकि एक रिपोर्ट के अनुसार सुज़ुकी के अध्यक्ष तोशीहिरो सुज़ुकी का कहना है कि हम अब यह नहीं सोचते हैं कि भारत में वृद्धि बिना रुकावट के होगी। जनवरी तक बढ़ रही मारुति की बिक्री फरवरी से सितंबर 2019 तक हर महीने कम ह गई।
मांग में कमी के कारण ऑटो सेक्टर में संकट
बता दें कि भारत का ऑटो सेक्टर इस साल मांग में कमी के कारण संकट से है। क्योंकि शेडों बैंकों, ज्यादा टैक्स और एक कमजोर ग्रामीण अर्थव्यवस्था ने उपभोक्ताओं की खरीदारी को ख़त्म कर दिया है। फोर्ड, वोक्सवैगन और फिएट जैसी बड़ी वैश्विक कंपनियां पहले से ही अपनी रणनीति का पुनर्मूल्यांकन कर रहे हैं क्योंकि वे छोटी कारों के वर्चस्व वाले बाजार में पैठ बनाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
ज्यादा टैक्स और इलेक्ट्रिक वाहन का बड़ा असर पड़ा
आईएचएस मार्किट के ऑटो सेक्टर के विशेषज्ञ का कहना है कि भारत में अपने भविष्य के निवेश को लेकर कार निर्माता बहुत सतर्क हो रहे हैं। उनमें से ज्यादातर या तो अपने भारत के नए मॉडल प्लान को खत्म कर रहे हैं या सिर्फ स्क्रैप कर रहे हैं। फोर्ड ने दो दशक के बाद देश में अपने स्वतंत्र संचालन को समाप्त करते हुए महिंद्रा एंड महिंद्रा को अपनी भारत शाखा में बहुमत हिस्सेदारी बेचने पर सहमति व्यक्त की है। वह एशिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था में चुनौतियों का सामना कर रही है। वहीं जानकारों का मानना है कि जीएसटी कर व्यवस्था के तहत ज्यादा टैक्स और इलेक्ट्रिक-वाहन नीति का वैश्विक वाहन निर्माताओं पर बड़ा असर पड़ा है। पश्चिमी ऑटोमेकर के एक कार्यकारी ने कहा कि जब आपके पास नीतिगत अस्थिरता होती है तो कंपनियों को देश में निवेश करने के लिए मुश्किल होती है।
More Articles
- आज खुले 3 बड़े IPO: Indo-MIM, Xtranet और Lohia Corp में निवेश का मौका, जानें क्या है सही रणनीति
- मुंबई बारिश अलर्ट: बैंकिंग ठप होने पर पैसे की किल्लत से कैसे बचें? जानें स्मार्ट तरीके
- Donald Trump की रणनीति से क्यों डरा Share Market? पढ़िए Sharad Kohli का Analysis
- Gold Silver Price: किसमें मिलेगा ज्यादा रिटर्न, Ajay Kedia से समझिए निवेश की पूरी Strategy!
- GPF ब्याज दर 7.1% पर बरकरार: क्या EPF और PPF से बेहतर है आपका निवेश?
- ब्रेंट क्रूड $95 के पार: क्या पेट्रोल-डीजल की कीमतों में होगा बदलाव? जानें ताजा अपडेट