नई दिल्ली, अगस्त 24। सरकारी बैंकों में अनुकंपा के आधार पर नौकरी देने का तरीका बदल गया है। सरकार ने एक बड़ा फैसला किया है। इस फैसले के बाद अब विवाहित बेटे को भी बैंक में नौकरी मिल सकेगी। दरअसर अभी तक नियमों की दिक्कत के कारण यह नहीं हो पा रहा था। आइये जानते हैं कि इस नियम के बदले से कैसे लोगों को फायदा मिलेगा।

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अभी तक क्या था नियम

अभी तक देश के सरकारी बैंकों में कार्यरत कर्मचारी की मौत के बाद विवाहित बेटे को नौकरी नहीं मिल पाती थी। ऐसा नियमों के चलते हो रहा था। हालांकि काफी समय से इस नियम को बदलने की मांग हो रही है, लेकिन ऐसा हो नहीं पा रहा था।

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अब बदल गए हैं नियम

केन्द्र सरकार के सचिव विजय शंकर तिवारी ने इस संबंध में एक निर्देश जारी कर दिया है। इन्होंने अपने निर्देश में इंडियन बैंक एसोसिएशन (आईबीए) से कहा है कि वह सभी सरकारी बैंकों को यह निर्देश जारी करे कि सरकारी बैंकों में कर्मचारी की मौत के बाद उसके विवाहित बेटे को भी अब नौकरी मिल सकती है। माना जा रहा है कि महामारी के दौरान बहुत से लोगों की मौत के कारण इस बात की मांग तेजी से उठ रही थी। जिसे अब सरकार ने मान लिया है।

आईबीए ने इस संबंध में सरकार को लिखा था पत्र

आईबीए ने इस संबंध में 20 जून 2022 को वित्त मंत्रालय को पत्र लिखा था। इस पत्र के आधार पर वित्त मंत्रालय के डिपार्टमेंट ऑफ फाइनेंशियल सर्विस ने इस मांग पर अपनी सहमति जता दी थी। बाद में इस पर निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं। एसबीआई के कर्मचारियों और अधिकारियों ने इस फैसले पर खुशी जताई है। इन लोगों ने कहा है कि अब विवाहित पुत्र को भी फैमली माना जाएगा और उसे भी नौकरी दी जा सकेगी।