Idli Viral Video: आज के समय हर कोई अच्छे स्वाद और व्यंजन की तलाश में रहते हैं। हालांकि, किसी व्यंजन का स्वाद उसके स्थान और कीमत के आधार पर अलग-अलग हो सकता है। हो सकता है कि आपने एक ही भोजन को अलग-अलग जगहों पर आज़माया हो, लेकिन स्वाद में कोई बदलाव नहीं देखा हो।

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एक कंटेंट क्रिएटर ने इडली के साथ इस अवधारणा को आजमाया, जिससे इडली की पसंद पर बहस छिड़ गई। केसी परेरा ने एक इंस्टाग्राम वीडियो शेयर किया, जिसमें उन्होंने अलग-अलग जगहों से इडली का नमूना लेकर उनके स्वाद की तुलना की।

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केसी ने अपनी यात्रा सड़क किनारे एक स्टॉल से शुरू की, जहां उन्होंने 5 रुपए की इडली का लुत्फ़ उठाया। उन्होंने इसके स्वाद की तारीफ़ की और इसे 10 में से 9.7 अंक दिए। उनकी खोज तब जारी रही जब वे 50 रुपए की इडली के लिए बेंगलुरु के प्रसिद्ध रामेश्वरम कैफ़े गए, जो उन्हें औसत दर्जे की लगी। इडली के बीच कॉम्प्टीशन बहुत कड़ा था।

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इडली स्वाद टेस्ट

सूट पहने केसी 500 रुपए की इडली खाने के लिए होटल ताज गए। उन्होंने इसे खारिज कर दिया और केवल 4.2 अंक दिए। उनकी खोज यहीं खत्म नहीं हुई, वे इस 'इडली प्रतियोगिता' के अंतिम चरण में पहुंच गए, जहां उन्हें खाने योग्य सोने से सजी 5000 रुपये की इडली परोसी गई।

5000 रुपए की इडली चखने के बाद केसी की प्रतिक्रिया अनमोल थी। उन्होंने कहा, "नहीं..इसे किसी ऐसे व्यक्ति के साथ साझा करें जो 5000 रुपए की इडली खाना चाहे क्योंकि मैं इसे नहीं खा पाऊंगा।" अपने वीडियो में केसी ने निष्कर्ष निकाला कि सड़क किनारे की दुकान की 5 रुपए की इडली सभी में सबसे अच्छी थी।

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जनता की प्रतिक्रियाएं

दिसंबर में रिलीज़ होने के बाद से केसी का वीडियो वायरल हो गया है, जिसने दर्शकों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। एक यूजर ने कहा कि इडली, डोसा, उपमा या वड़ा जैसे व्यंजन छोटी दुकानों से बेहतर हैं क्योंकि वे पहले से तैयार बैटर को फ्रिज में नहीं रखते हैं।

एक दूसरे ने टिप्पणी की कि केसी ने वास्तविक इडली के बजाय माहौल के लिए भुगतान किया, जो वास्तव में केवल 5 रुपए का है। तीसरे दर्शक ने केसी की इस बात के लिए सराहना की कि उन्होंने दबाव में आकर 5000 रुपए की महंगी इडली को अधूरा नहीं छोड़ा।

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केसी के इस प्रयोग ने इस बात पर रौशनी डाली है, कि कैसे बड़ी-बड़ी दुकानों के मुकाबले चोटी और सड़क किनारे दुकानों में अच्छे व्यंजन मिलते हैं। इन दुकानों की सादगी इनको बेहद ही पसंदीदा बनती है। केसी का वीडियो हमें याद दिलाता है कि जब भोजन की गुणवत्ता और स्वाद की बात आती है तो महंगा होने का मतलब हमेशा बेहतर होना नहीं होता।

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आज के समय हर कोई अच्छे स्वाद की तलास में रहते हैं, लेकिन कई बार उन्हे अधिक रुपए का भुगतान तो करना पड़ता है। हालांकि, उन्हे अच्छा स्वाद नहीं मिल पाता है।