Lottery in Indian States : लॉटरी एक ऐसा ऑप्शन है, जिसमें विजेता की किस्मत एक मिनट में बदल सकती है। बहुत सी कहानियां ऐसी सुनने में मिलती हैं कि कोई विजेता एक झटके में करोड़ों रु जीत गया। भारत में लॉटरी का चलन है। पर भारत में बहुत कम राज्य हैं जहां कानूनी रूप से लॉटरी चलाई जाती है। केंद्रीय गृह मंत्रालय के अनुसार, लॉटरी (विनियमन) अधिनियम 1998 की धारा 4 राज्य सरकार को कुछ तय शर्तों के अधीन लॉटरी चलाने या बढ़ावा देने की अनुमति देती है। यहां हम आपको बताएंगे कि देश में किन राज्यों में लॉटरी की अनुमति है।
इन राज्यों में है लॉटरी की उम्मीद
लॉटरी (विनियमन) अधिनियम, 1998 की धारा 4 के अनुसार राज्य सरकार तय शर्तों के साथ लॉटरी चलाने या प्रचार करने की अनुमति हासिल कर सकती है। इस नियम के अनुसार 09 राज्यों में लॉटरी चलाई जा रही है। इनमें अरुणाचल प्रदेश, गोवा, केरल, महाराष्ट्र, मिजोरम, नागालैंड, पंजाब, सिक्किम और पश्चिम बंगाल शामिल हैं। ये जानकारी केंद्रीय राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने मंगलवार (14 मार्च) को लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी है।
बने हुए हैं नियम
सरकार ने लॉटरी के नियमन के लिए लॉटरी (विनियमन) नियम, 2010 बनाए थे, जिन्हें लॉटरी (विनियमन) अधिनियम, 1998 के तहत तैयार किया गया था। 2018 में, गृह मंत्रालय ने सभी लॉटरी चलाने वाले राज्यों को स्टैंडर्डाइजेशन, टेस्टिंग और क्वालिटी सर्टिफिकेशन डायरेक्टोरेट (एसटीक्यूसी) द्वारा प्रमाणित ऑनलाइन लॉटरी के लिए अपने सॉफ़्टवेयर/हार्डवेयर का उपयोग करने के निर्देश जारी किए थे, ताकि ऑनलाइन लॉटरी चलाने के लिए उपयोग किए जाने वाले हार्डवेयर/सॉफ्टवेयर की इंटीग्रिटी सुनिश्चित हो सके।
कौन सी लॉटरी है मान्य
2019 में सभी लॉटरी चलाने वाले राज्यों को निर्देश जारी किए गए थे कि ऑनलाइन और पेपर लॉटरी के फीचर्स वाली लॉटरी, लॉटरी (विनियमन) नियम, 2010 के अनुसार नहीं है और इसलिए, इन्हें तुरंत बंद कर दिया जाए। 2 अगस्त, 2022 को लोकसभा में एक लिखित बयान में, मंत्री ने कहा था कि वेबसाइटों/मोबाइल ऐप के माध्यम से पेपर लॉटरी की बिक्री से जुड़ी शिकायतें पंजाब, सिक्किम और नागालैंड की राज्य सरकारों को भेजी गई थीं।
88 वर्षीय बने करोड़पति
इसी साल जनवरी में पंजाब के डेराबस्सी के 88 वर्षीय महंत द्वारका दास की किस्मत लॉटरी ने बदल दी। उन्होंने लॉटरी लाख 2-4 लाख रु नहीं बल्कि पूरे 5 करोड़ रु जीते। द्वारका दास एक महंत हैं। पर उन्हें लॉटरी खरीदने का शौक रहा है। दास के अनुसार वे करीब 35-40 सालों से लॉटरी खरीदते आ रहे हैं। पर वे कभी भी कोई बड़ी रकम नहीं जीत पाए। आखिरकार जनवरी में वे एक तगड़ा इनाम जीते। उनकी पूरी 5 करोड़ रु की लॉटरी लगी।
नोट : लॉटरी में जोखिम बहुत है, क्योंकि इसमें जीतने की संभावना बहुत कम होती है।
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