नई दिल्ली, अगस्त 3। आज के समय में मंहगाई बहुत ही तेजी से बढ़ रही है और महंगाई के साथ साथ लोगो के खर्चे भी उतनी ही तेजी से बढ़ रहे है। इन्हीं खर्चों को मैनेज करने के लिए आप लोन का सहारा लेते है और लोन भी आज कल बहुत आसानी से मिल जाते है। ऐसे में आपने कभी सोचा है कि यदि कोई व्यक्ति जिसने लोन लिया है। वो गुजर जाता है तो उसके बाद उसके लोन कोन चुकाता है। कई लोगो के मन में विचार आता है कि परिवार वालो को परेशान किया जाएगा। मगर असल में कुछ और है तो चलिए जानते है लोन से जुड़े हुए नियम।
पर्सनल लोन लेने वाला व्यक्ति यदि गुजर जाता है तो बैंक उसके परिवार से लोन की राशि नही मांग सकता है। दरअसल पर्सनल लोन को सुरक्षित लोन नहीं माना जाता है इसलिए बैंक कानूनी वारिस को लोन चुकाने के लिए दवाब नही बना सकता है। पर्सनल लोन को असुरक्षित लोन की श्रेणी में रखा जाता है।
यदि हम क्रेडिट कार्ड की बात करे तो क्रेडिट कार्ड को भी असुरक्षित लोन की श्रेणी में रखा जाता है। यदि कोई व्यक्ति लोन को बिना चुके गुजार जाता है तो बैंक मृतक के कानूनी वारिस को लोन चुकाने के लिए दवाब नही बना सकता है।
होमलोन की बात करे तो इसे एक सुरक्षित लोन माना जाता है। इस लोन में ऋण धारक के साथ को-एप्लिकेंट का नाम जोड़ा जाता है। यदि लोन धारक बिना लोन की राशि चुकाए गुजर जाता है तो उसके कानूनी वारिस को बाकी की लोन की राशि का भुगतान करना होगा। साथ ही लोन लेते समय बीमा का भी प्रावधान होता है। यदि लोन धारक बिना लोन दिए गुजर जाता है और को-एप्लिकेंट लोन की राशि नही चुका पाता है। तो उस स्थिति में बैंक घर को बेच कर लोन की राशि वसूल कर सकती है। यदि ऐसा नहीं होता है तो सरफेसी एक्ट के तहत बैंक कस्टमर के घर की नीलामी करवा कर कर्ज की राशि वसूल कर सकता है।
More Articles
- अदाणी एंटरप्राइजेज ने एयरलाइन लॉन्च की अटकलों को किया खारिज, कहा- रिपोर्ट्स निराधार
- भारी बारिश का अलर्ट: बाढ़ में डूबी कार को स्टार्ट न करें, क्लेम पाने का सही तरीका जानें
- Manipal Health IPO: ₹9,275 करोड़ का बड़ा दांव, क्या आपको अप्लाई करना चाहिए?
- ITR फाइल करने का आज आखिरी मौका: क्या आज के बाद लगेगा जुर्माना? जानें बचने का तरीका
- US Fed का फैसला आज रात: क्या भारतीय बाजार में आएगी बड़ी हलचल? जानें ट्रेडर्स के लिए खास रणनीति
- GST QRMP स्कीम: PMT-06 पेमेंट में 35% चालान चुनें या सेल्फ-असेसमेंट? ब्याज से बचने का पूरा गणित