नई दिल्ली, जून 4। जब से रिजर्व बैंक ने पिछले महीने रेपो दर में बढ़ोतरी की है और आगे और बढ़ोतरी के संकेत देना शुरू किया है, एसबीआई, एचडीएफसी, पीएनबी और आईसीआईसीआई बैंक सहित लगभग सभी बड़े बैंकों ने अपनी ब्याज दरों में बढ़ोतरी शुरू कर दी है। भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने 1 जून, 2022 से अपने होम लोन की ब्याज दरों में वृद्धि की है। बैंक ने एक्सटर्नल बेंचमार्क-बेस्ड लेंडिंग रेट (ईबीएलआर) को 40 आधार अंकों (0.40 फीसदी) से बढ़ा कर 7.05 फीसदी + क्रेडिट जोखिम प्रीमियम (सीआरपी) कर दिया है। वहीं रेपो रेट लिंक्ड लेंडिंग रेट (आरएलएलआर) बढ़ कर 6.65 फीसदी प्लस सीआरपी हो गयी है। नियमित होम लोन के तहत, एसबीआई की ब्याज दरें 7.05 फीसदी से लेकर अधिकतम 7.35 फीसदी तक हो गयी हैं।
निजी क्षेत्र के एचडीएफसी की रिटेल प्राइम लेंडिंग रेट (आरपीएलआर), जिस पर इसकी एडजस्टेबल रेट होम लोन (एआरएचएल) बेंचमार्क्ड हैं, 1 जून से 5 बेसिस पॉइंट्स बढ़ गई है। इस 5 बीपीएस की वृद्धि के साथ, ब्याज दर में कुल बढ़ोतरी एचडीएफसी होम लोन लेने वालों के लिए 40 बीपीएस होगा। एक बेसिस पॉइंट्स या आधार अंक या मतलब है 0.01 फीसदी।
पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) ने भी अपनी सीमांत लागत-आधारित उधार दरों (एमसीएलआर) में बढ़ोतरी की घोषणा की है। सरकारी बैंक, पीएनबी ने अपनी सीमांत लागत-आधारित उधार दर में 15 आधार अंकों की वृद्धि की है। पीएनबी की वेबसाइट के मुताबिक बढ़ी हुई दरें 1 जून से लागू हो गई हैं।
सिबिल स्कोर उन प्रमुख कारकों में से एक है, जिन्हें लोन देते समय बैंकों और वित्तीय संस्थानों द्वारा ध्यान में रखा जाता है। उच्च सिबिल स्कोर होने से आप न केवल लोन लेने के योग्य बनते हैं, बल्कि आपको इससे कम ब्याज दर पर प्राप्त करने में भी मदद मिलती है। सिबिल स्कोर के आधार पर, बैंकों द्वारा ब्याज दरों पर घर, कार और पर्सनल लोन में 5 बीपीएस से 50 बीपीएस की सीमा में बेनेफिट मिल सकता है।
एसबीआई के मामले में, नियमित होम लोन के तहत, 800 से अधिक या इतने ही क्रेडिट स्कोर के लिए ब्याज दर अधिकतम लाभ के साथ 7.05% पर सबसे कम होगी। 750-799 क्रेडिट स्कोर के बीच ब्याज दर 7.15% है, जबकि 700-749 क्रेडिट स्कोर पर ब्याज दर 7.25% है। क्रेडिट स्कोर 650-699 के लिए ब्याज दर 7.35% होगी, जबकि 550-649 के क्रेडिट स्कोर पर ये दर 7.55% होगी। एनटीसी/बिना सिबिल स्कोर के लिए ब्याज दर 7.25 फीसदी है।
आपका क्रेडिट स्कोर जितना कम होगा, आपके होम लोन पर ब्याज दर उतनी ही अधिक होगी। जबकि अधिक सिबिल कम ब्याज दर की गारंटी के साथ आएगा। विशेष रूप से सिबिल स्कोर यह बताता है कि एक व्यक्ति अपने क्रेडिट को कितनी अच्छी तरह से मैनेज करता है। साथ ही यह उधारकर्ताओं के ऋण लेने और उन्हें चुकाने की क्षमता भी दिखाता है। आप कई तरीकों से अपना सिबिल स्कोर सुधार सकते हैं। इनमें क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल बढ़ाना, समय पर बिलों का भुगतान और पिछले लोन को सही से मैंटेन करना शामिल है।
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