नई दिल्ली, नवंबर 18। देश के प्रमुख बैंक एचडीएफसी बैंक ने स्ट्रीट वेंडरों के लिए एक खास सरकारी योजना शुरू की है। बैंक ने स्ट्रीट वेंडर्स के लिए माइक्रो-क्रेडिट फैसिलिटी शुरू की है। इस सुविधा के तहत स्ट्रीट वेंडर आराम से बैंक से छोटी रकम बतौर लोन ले सकते हैं। ये योजना है स्ट्रीट वेंडर के लिए सरकार द्वारा पिछले साल शुरू की गयी पीएम स्वनिधि योजना। एचडीएफसी बैंक ने इस योजना को कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) के साथ शुरू किया है। बैंक डिजिटल सेवा पोर्टल पर अपने ग्रामीण स्तर के उद्यमियों (वीएलई) को पीएम स्वनिधि के जरिए सुविधा लोन की सुविधा देगा। पोर्टल पर वे लोन की पूरे प्रोसेस को ऑनलाइन पूरा कर सकते हैं।
पीएम स्वनिधि योजना के तहत 7 फीसदी की ब्याज सब्सिडी के साथ 10,000 रुपये का एक कॉलेट्रल फ्री अफॉर्डेबल लोन मिलता है। बैंक ने कहा कि वीएलई को लोन आवेदन आवश्यकताओं को समझना चाहिए और सुनिश्चित करना चाहिए कि मोबाइल नंबर आधार से लिंक हुआ हो। योजना के नियमों के अनुसार लोगों के आवेदन की एलिजिबिलिटी स्टेटस को चेक किया जाना चाहिए।
एचडीएफसी बैंक के अनुसार पीएम स्वनिधि की शुरुआत से ये अपने सीएससी वीएलई के जरिए छोटे स्ट्रीट वेंडरों को ग्रोथ और आर्थिक विकास के लिए माइक्रो-क्रेडिट सुविधा दे पाएगा। यह वीएलई के लिए देश में हर बिजनेस आवश्यकता को पूरा करने के साथ-साथ उनकी इनकम बढ़ाने का एक अवसर है।
बैंक के एक अधिकारी के अनुसार देश में 50 लाख से अधिक स्ट्रीट वेंडर हैं और बैंक के वीएलई बड़े स्तर पर उनकी जरूरतों को पूरा करने के लिए फैले हुए हैं। पीएम स्वानिधि को आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय द्वारा 01 जून, 2020 को स्ट्रीट वेंडरों को उनकी आजीविका को फिर से शुरू करने के लिए लोन प्रदान करने के लिए लॉन्च किया गया था, जो कोविड-19 लॉकडाउन के कारण प्रभावित हुए थे।
इस योजना की अवधि मार्च 2022 तक है। इस योजना का सबसे बड़ा फायदा ये है कि लोन के समय पर/जल्दी चुकाए जाने पर, तिमाही आधार पर डायरेक्ट बेनेफिट ट्रांसफर के माध्यम से लाभार्थियों के बैंक खातों में 7% प्रति वर्ष की दर से ब्याज सब्सिडी जमा की जाएगी। लोन को जल्दी चुकाने पर कोई जुर्माना नहीं लगेगा। यह योजना 100 रुपये प्रति माह तक कैशबैक प्रोत्साहन के माध्यम से डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देती है।
आप करीबी निकटतम शेड्यूल्ड कमर्शियल बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक (आरआरबी), स्मॉल फाइनेंस बैंक (एसएफबी), सहकारी बैंक, गैर-बैंकिंग वित्त कंपनियां (एनबीएफसी), माइक्रो फाइनेंशियल इंस्टिट्यूशन (एमएफआई) और एसएचजी बैंक के पास इस योजना के तहत लोन के लिए आवेदन कर सकते हैं। इस स्कीम को लागू करने वाली एजेंसी भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (सिडबी) है। केंद्र ने लगभग 50 लाख स्ट्रीट वेंडरों (रेहड़ी पटरी वालों) को अपने व्यवसायों को फिर से शुरू करने में मदद करने के लिए 10,000 रु तक के बिना गारंटी लोन देने के लिए इस योजना की शुरुआत की थी। जैसा कि बताया कि इस योजना के तहत लोन लेने के लिए किसी गारंटी की जरूरत नहीं। इस लोन की अवधि एक साल होती है।
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