नयी दिल्ली। जिन लोगों ने लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी ले रखी है उनके लिए बहुत बड़ी खुशखबरी है। दरअसल अब लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी का प्रीमियम चुकाने पर डिस्काउंट मिलेगा। जल्द ही आप अपने बीमा रिन्यूअल प्रीमियम का एडवांस में ही भुगतान कर पाएंगे और आपको इसी पेमेंट पर छूट का फायदा मिलेगा। इंश्योरेंस रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (आईआरडीएआई) ने जीवन बीमा कंपनियों के लिए एक ड्राफ्ट तैयार किया है, जिसमें दिशा-निर्देश हैं। ड्राफ्ट के अनुसार बीमा कंपनियों को एडवांस में मिलने वाले रिन्यूअल प्रीमियम पर डिस्काउंट देने का प्रस्ताव रखा गया है। यानी ये डिस्काउंट कंपनियों की तरफ से उन ग्राहकों को दिया जाएगा, जो पॉलिसी रिन्यूअल के लिए एडवांस में प्रीमियम की पेमेंट करेंगे।
हालांकि डिस्काउंट के लिए कुछ कंडीशंस रखी जाएंगी। आईआरडीएआई के ड्राफ्ट में कहा गया है कि जीवन बीमाकर्ताओं को शर्तों के अनुसार रिन्यूअल प्रीमियम के एडवांस भुगतान पर छूट देने की अनुमति देने का निर्णय लिया गया है। जहां तक डिस्काउंट का सवाल है तो हर वित्त वर्ष की शुरुआत पर यानी 1 अप्रैल से देश के सबसे बड़े बैंक एसबीआई के बचत खाते पर जितनी ब्याज दर होगी उसी के बराबर एडवांस प्रीमियम पर डिस्काउंट दिया जाएगा।
एसबीआई की बचत खाते ब्याज दर के अलावा बीमा कंपनियों को 1 फीसदी की अतिरिक्ट छूट भी देनी होगी। छूट की ये सुविधा पूरे वित्त वर्ष में हर एडवांस प्रीमियम पर लागू होगी। बता दें कि इस समय एसबीआई में बचत खाते पर मिलने वाली ब्याज दर 2.7 फीसदी है। फ्यूचर में यदि ये रेट बढ़ी तो ग्राहकों को अधिक डिस्काउंट मिलेगा।
आईआरडीएआई ने ने बीमा कंपनियों से कहा है कि वे पॉलिसीधारकों को इस फैसिलिटी के बारे में 7 दिनों के अंदर जानकारी दें। इस पूरे मामले पर आईआरडीएआई ने बीमा कंपनियों से जवाब मांगा है। आईआरडीएआई बहुत जल्द इस पर अंतिम दिशा-निर्देश जारी कर सकता है।
सभी बीमाधारकों के लिए आईआरडीएआई का नया नियम जानना जरूरी है। यदि आपने बीमा पॉलिसी ली है और उसके मैच्योर होने के 10 साल के भीतर यदि आप पॉलिसी का पैसा न लें तो आपका पैसा डूब जाएगा। आपको 10 साल बाद पैसा नहीं मिलेगा। आईआरडीएआई नियमों में बदलाव कर चुका है। असल में बीमा कंपनियों के पास ऐसी बहुत सी पॉलिसियों का पैसा है, जिनके लिए क्लेम नहीं लिया गया है।
फिलहाल बिना क्लेम किया गया पैसा कंपनी के पास रहता है। मगर अब यह पैसा सीनियर सिटीजन वेलफेयर फंड में ट्रांसफर किया जाएगा। आईआरडीए के अनुसार ये नियम एलआईसी सहित देश की सभी बीमा कंपनियों पर लागू होगा। बीमा कंपनियों को अपनी वेबसाइट पर इस बात की जानकारी भी देनी होगी। कंपनियों को ये भी बताना होगा कि बिना क्लेम वाली कितनी रकम उनके पास है।
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