नई दिल्ली, सितंबर 27। देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) के शेयर के भाव में गिरावट थमने का नाम ही नहीं ले रही हैं। मंगलवार 27 सितंबर, 2022 के कारोबारी सत्र में लिस्टिंग के बाद से शेयर का प्राइस गिरकर अपने निचले स्तर में आ गया हैं। 628.20 रु पर लेवल तक एलआईसी का शेयर गिरा हैं। जबकि कंपनी के आईपीओ के भाव की बात करें तो कंपनी ने 949 रु प्रति शेयर के भाव से आईपीओ लेकर आई थी।
शेयर बाजार विदेशी निवेशकों के बिकवाली के चलते गिरावट में हैं। इसका जो असर हैं एलआईसी के शेयर में अछूता नहीं हैं। स्टॉक एक्सचेंज पर जब से एलआईसी के शेयर की लिस्टिंग हुई हैं। कभी भी शर्त आईपीओ के प्राइस से अप्पर ट्रेंड नहीं हुआ हैं। एलआईसी ने अपना प्रति शेयर 949 रूपये के रेट पर आईपीओ लेकर आई थी। एलआईसी का जो शेयर इश्यू प्राइस था। उससे 34 प्रतिशत नीचे यानी 628 रु के करीब ट्रेंड कर रहा हैं। इसमें अब हम नुकसान की बात करे तो प्रति शेयर 321 रु का निवेशकों को नुकसान हो रहा हैं।
एलआईसी का मार्केट कैपिटलाईजेशन घटकर 3.98 लाख करोड़ रूपये पर आ चुका हैं। जबकि जिस इश्यू प्राइस पर एलआईसी आईपीओ को लेकर आई थी। तब एलआईसी का मार्केट कैप 6 लाख करोड़ रूपये था। मतलब यह हुआ कि एलआईसी का 2 लाख करोड़ रूपये से ज्यादा का मार्केट कैप कम हो चुका हैं।
एलआईसी वही कंपनी हैं जिसने कई बार मार्केट को सहारा देने का कार्य किया हैं। मार्केट में जब भी गिरावट आती थी। तब एलआईसी खरीददारी करके मार्केट को थामने की कोशिश करता था। यही कारण हैं कि शेयर मार्केट में लिस्टेड सभी ब्लूचिप कंपनी में एलआईसी कंपनी की हिस्सेदारी हैं। मगर जब एलआईसी खुद शेयर मार्केट में लिस्ट हुआ तब उसके शेयर को सहारा देने वाला कोई भी नहीं हैं। सरकारी कंपनी एलआईसी ने महंगे प्राइस के जरिए अपनी हिस्सेदारी बेचकर आईपीओ के माध्यम से 20557 करोड़ रूपये जुटा लिए मगर इन्वेस्टर्स को उनके हाल पर छोड़ दिया हैं। निवेशकों की मेहनत की कमाई लगातार कम होती जा रही हैं।
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