नई दिल्ली: अगर आपने भी एलआईसी की पॉलिसी ले रखीं तो आपके लिए जरुरी खबर है। देश की सबसे बड़ी इंश्योरेंस कंपनी भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) ने अपने करोड़ों पॉलिसीधारकों को बड़ा तोफहा दिया है। एलआईसी के ग्राहक मैच्योरिटी पॉलिसी के क्लेम के लिए डॉक्यूमेंट देशभर में किसी भी एलआईसी शाखा में इस महीने के अंत तक जमा कर सकते हैं। LIC Bachat Plus : नई पॉलिसी लांच, मिलेंगे लाखों के फायदे
बता दें कि महामारी के दौरान अपने पॉलिसीधारकों की परेशानी को कम करने के लिये एलआईसी ने कहा कि पॉलिसीधारक पॉलिसी की मैच्योरिटी पर दावा करने के दस्तावेज देशभर में अपने निकट के किसी भी एलआईसी ऑफिस में महीने के अंत तक जमा करा सकते हैं। जाहिर सी बात है कि एलआईसी के इस फैसले से उन पॉलिसीधारकों को बड़ी राहत मिली है, जिनकी पॉलिसी मैच्योर हो चुकी है। इस बात की जानकारी एलआईसी ने ट्वीट के जरिए दी है।
एलआईसी के इस फैसले से पॉलिसीहोल्डर्स को क्लेम पेपर्स जमा करने के लिए अपनी सर्विस ब्रांच में जाने की जरूरत नहीं होगी। एलआईसी ने कहा है कि ये व्यवस्था शुरू हो चुकी है और 31 मार्च, 2021 तक लागू रहेगी। एलआईसी के मुताबिक उसके 114 डिवीजनल ऑफिस, 2,048 शाखाएं, 1,526 सैटेलाइट ऑफिस और 74 कस्टमर जोन में इन मैच्योरिटी क्लेम पेपर्स को जमा किया जा सकता है, इसके लिए सर्विस ब्रांच की बाध्यता नहीं होगी। एलआईसी की पूरे देश में 29 करोड़ पॉलिसीज हैं।
एलआईसी के मुताबिक मैच्योरिटी क्लेम की प्रोसेसिंग मूल शाखा के जरिए ही होगी लेकिन डिजिटल माध्यम के जरिए जिस शाखा पर डॉक्यूमेंट जमा कराए जाएंगे उस शाखा से मूल शाखा को डॉक्यूमेंट भेजे जाएंगे। सभी अधिकारियों को विशेषरूप से अधिकृत किया जाएगा कि वो क्लेम सेटलमेंट की प्रक्रिया को पूरा करें। इस बात की भी जानकारी मिली की कोई भी पॉलिसीहोल्डर किसी भी शाखा में जाकर सहायता के लिए अधिकृत अधिकारी से जानकारी ले सकता है। अगर पॉलिसीहोल्डर किसी दूसरे शहर में है, और पॉलिसी डॉक्यूमेंट्स किसी दूसरे शहर में हैं। ऐसे में डॉक्यूमेंट्स को दो अलग अलग जगहों पर जमा कराया जा सकता है।
एलआईसी के आईपीओ का बेसब्री से इंतजार है, लेकिन सवाल ये भी है कि क्या सरकार एलआईसी का निजीकरण करने जा रही है। इस पर सरकार ने भी लोकसभा में अपनी सफाई पेश की है कि वो एलआईसी का निजीकरण नहीं करने जा रही है। सरकार का कहना है कि वो सिर्फ बाजार से पैसा जुटाने के लिए आईपीओ ला रही है, ताकि पॉलिसीहोल्डर्स का ज्यादा फायदा हो सके। इस बात का भी भरोसा दिलाया गया है कि एलआईसी का आईपीओ आने के बाद किसी भी कर्मचारी की नौकरी नहीं जाएगी।
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