नई द‍िल्‍ली: एलआईसी की सामान्य स्कीम्स में मुनाफे के साथ लाइफ कवरेज और दूसरी सुविधाएं तो मिलती ही हैं, वहीं एलआईसी सरकार की पेंशन स्कीम योजना से भी जुड़ी है। अगर बात करें पिछले तीन साल में सरकारी सिक्योरिटीज फंड्स कि तो इसमें लगभग सभी नेशनल पेंशन सिस्टम टियर-2 ने दोहरे अंकों में रिटर्न दिया है। इन तीन सालों में 7 पेंशन फंड मैनेजर्स ने 11.01 फीसदी से लेकर 13.5 फीसदी सालाना का रिटर्न दिया है। वहीं, बेंचमार्क सीसीआईएल सॉवरेन बॉन्ड और 10 साल के गिल्ट म्यूचुअल फंड ने 10.78 फीसदी का ही रिटर्न दिया है।

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टियर-2 सेग्मेंट में एलआईसी पेंशन फंड पहले पायदान पर कायम है। तीन साल में इसने 13.5 फीसदी का रिटर्न मिला है। वैल्यू रिसर्च के आंकड़ों से इस बारे में जानकारी मिलती है। एलआईसी के ठीक करीब एचडीएफसी पेंशन फंड भी है। एचडीएफसी पेंशन ने 11.7 फीसदी का रिटर्न दिया है। 5 साल की रिटर्न अवधि में भी एलआईसी पेंशन फंड ने सबसे ज्यादा रिटर्न दिया है। इस अवधि में एलआईसी पेंशन फंड ने 11.88 फीसदी का रिटर्न दिया है। इस प्रकार रिटर्न के लिहाज से यह सभी एनपीएस फंड और म्यूचुअल फंड से आगे निकलने में कामयाब रहा है।

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बता दें कि 60 साल की उम्र में मैच्योर होने वाले रिटायरमेंट अकांउट्स एनपीएस टियर-1 से अलग एनपीएस टियर-2 में कई तरह की सहूलियत है। चूंकि, यह इन्वेस्टमेंट अकाउंट है, आप अपनी जरूरत के हिसाब से पैसे निकाल सकते हैं। हालांकि, सरकारी कर्मचारियों को छोड़ दें तो टियर-2 अकाउंट्स पर इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 80सी के तहत कोई टैक्स लाभ नहीं मिलता है।

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एक बेसिस प्वाइंट का कम एक्सपेंस रेशियो निवेशकों के लिए इसे आकर्षक बनाता है। अगले साल पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (पीएफआरडीए) द्वारा नये पेंशन फंड मैनेजर्स चुनने के बाद भी यह लागू ही रहेगा। इक्विटी स्कीम्स के लिए 0.09 फीसदी की मैक्सिमम प्रस्तावित इन्वेस्टमेंट मैनेजमेंट फीस और 0.03 फीसदी की इंटरमीडियरीज चार्ज के साथ म्यूचुअल फंड और अन्य फाइनेंशियल इंस्ट्रूमेंट्स की तुलना में एनपीएस सबसे सस्ता विकल्प बना रहेगा।

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