LIC : भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) ने चालू फाइनेंशियल ईयर की दूसरी तिमाही में बैंक शेयरों का ओनरशिप कम कर दिया है और एलआईसी ने आईटी शेयरों पर दांव बढ़ा दिया।

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इकोनॉमिक्स टाइम की एक खबर के मुताबिक, बीएसई-लिस्टेड कंपनियों के शेयरहोल्डिंग पैटर्न के विश्लेषण से पता चलता है कि एलआईसी ने रिलायंस इंडस्ट्रीज, टाटा मोटर्स जैसे कम से कम 84 शेयरों को बेच दिया।

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बैंक स्टॉक्स और आईटी स्टॉक्स से निपटने में एलआईसी की स्ट्रेटजी में विशेष रुचि थी। देश के बड़े घरेलू संस्थागत निवेशक को केनरा बैंक के मामले में हिस्सेदारी 122 आधार अंक घटा कर 7.34 फीसदी करते देखा गया

वही, इंडसइं 59 आधार अंक घटाकर 2.42 फीसदी, आईसीआईसीआई बैंक 28 आधार अंक घटाकर 7.34 फीसदी, कर्नाटक बैंक 49 आधार अंक घटाकर 4.17 फीसदी करते देखा गया। हालांकि, एलआईसी की एसबीआई, एचडीएफसी बैंक और एक्सिस बैंक में होल्डिंग बढ़ी है।

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एलआईसी के पोर्टफोलियो में अन्य बैंक के शेयर भी शामिल हैं। जैसे बैंक ऑफ महाराष्ट्र, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, सिटी यूनियन बैंक, बंधन बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, आईडीबीआई बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, जम्मू और कश्मीर बैंक, इंडियन ओवरसीज बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, साउथ इंडियन बैंक, यूसीओ बैंक और यस बैंक।

वही, टीसीएस, टेक महिंद्रा, विप्रो, इंफोसिस, एलटीआईमाइंडट्री और एचसीएल टेक जैसी आईटी कंपनियों में भी हिस्सेदारी बढ़ाते देखा गया है।

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भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) फंड मैनेजरों को दीपक नाइट्राइट, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) कार्ड्स, टाटा केमिकल्स, दीपक नाइट्राइट, एसबीआई कार््स, सेल, बर्जर पेंट्स, पिडिलाइट इंडस्ट्रीज, आईआरसीटीसी और एलएंडटी पर भी इन्वेस्टमेंट करते देखा गया।

डोमेस्टिक इनवेस्टर्स से मोटे तौर पर इनलाइन क्यू2 आय सीजन को देखते हुए, विश्लेषकों का मानना है कि बॉन्ड यील्ड्स और इजराइल वार का प्रभाव एक मात्र बड़ी परेशानी है जो तेजी को अपनी पटरी से उतार सकता है, जिसमें अक्टूबर के महीने में मामूली गिरावट देखने को मिली है।

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