नई दिल्ली, मई 5। बीमा दिग्गज एलआईसी का आरंभिक सार्वजनिक पेशकश (आईपीओ) कल से सब्सक्रिप्शन के लिए खोला गया और यह 9 मई 2022 तक आवेदन के लिए खुला रहेगा। संभावित निवेशक भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) की वित्तीय स्थिति चेक करने में व्यस्त हैं, मगर विश्लेषकों ने एलआईसी पॉलिसीधारकों और कर्मचारी कैटेगरी के आवेदकों को अधिकतम संभव लॉट के लिए आवेदन की सलाह दी है। एलआईसी के पॉलिसीधारकों और कर्मचारियों के लिए विश्लेषकों ने सलाह दी है कि जितना अधिक वे निवेश कर सकते हैं करें। इसकी क्या वजह है आइए आगे जानते हैं।
विश्लेषकों ने आरक्षित (रिजर्व) कैटेगरी के ग्राहकों को सलाह दी कि वे अपनी पॉलिसीधारक और कर्मचारियों की कैटेगरी को रिटेल कैटेगरी के मुकाबले प्राथमिकता दें क्योंकि रिटेल कैटेगरी में शेयरों का आवंटन ड्रॉ के माध्यम से किया जाएगा, जबकि आरक्षित कैटेगरी में यह आनुपातिक आधार पर किया जाएगा। उन्होंने कहा कि रिटेल कैटेगरी के आवेदनों की तुलना में आरक्षित कैटेगरी में आवंटन के माध्यम से शेयर प्राप्त करने की संभावना अधिक है।
एलआईसी आईपीओ आवेदक को रिटेल कैटेगरी के बजाय रिजर्व कैटेगरी को प्राथमिकता क्यों देनी चाहिए, इस पर एक जानकार का कहना है कि रिटेल कैटेगरी में शेयर आवंटन ड्रॉ के माध्यम से किया जाएगा, जबकि पॉलिसीधारकों और कर्मचारियों की श्रेणी में शेयर आवंटन आनुपातिक आधार के माध्यम से किया जाएगा। आनुपातिक आधार का मतलब है कि यदि 100 लोग 200 शेयरों के लिए आवंटन करते हैं तो सब को 2-2 शेयर जरूर दिए जाएंगे।
शेयर आवंटन प्रोसेस में, रिटेल कैटेगरी के आवेदकों को आवंटन के माध्यम से बहुत सारे या एलआईसी के न्यूनतम 15 शेयर तब ही मिलेंगे जब उनका आवेदन लकी ड्रॉ के माध्यम से निकले। हालांकि, पॉलिसीधारकों और कर्मचारियों की कैटेगरी के मामले में, सभी आवेदकों को आनुपातिक आधार पर कम से कम कुछ शेयर दिए जाएंगे यानी रिटेल कैटेगरी के आवेदकों के लिए शेयर आवंटन लॉट के आधार पर नहीं किया जाएगा।
अकसर उस आईपीओ में निवेशकों को शेयर मिलने की संभावना बहुत कम रहती है, जिसमें लोग जम कर निवेश करें और आईपीओ में रखे गये शेयरों के मुकाबले कंपनी को कई गुना आवेदन मिले। इसलिए जानकार कहते हैं कि अगर आप एलआईसी पॉलिसीधारक या कर्मचारी कैटेगरी के अंतर्गत आते हैं तो उसे ज्यादा से ज्यादा आवेदन करना चाहिए। ऐसा करने से आप एलआईसी के अधिक शेयर प्राप्त करने की संभावनाओं को बढ़ा सकेंगे।
जानकारों के अनुसार यदि कोई आवेदक पॉलिसीधारक कैटेगरी के अंतर्गत आता है, तो उस स्थिति में उसे पहले इस कैटेगरी से आवेदन करना चाहिए क्योंकि इससे आवेदक को एलआईसी के प्रत्येक शेयर पर 60 रुपये की छूट प्राप्त करने में मदद मिलेगी। इसके अलावा आवेदक को उतना अधिक से अधिक आवेदन करना चाहिए जितना वह रिजर्व कैटेगरी में अधिक से अधिक आवेदन कर सकता है। इससे यानी शेयर आवंटन प्रोसेस के दौरान अधिक शेयर मिलने की उम्मीद रहेगी। लेकिन रिटेल कैटेगरी में, किसी को या तो एक लॉट या 15 शेयर या कुछ भी नहीं मिलेगा।
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