नयी दिल्ली। कोरोना संकट के कारण शेयर बाजार मार्च में बहुत नीचे चला गया था। मगर इसके बाद शेयर बाजार में तेजी से भारत की सबसे बड़े संस्थागत निवेशक भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) ने काफी कमाई की है। एलआईसी अध्यक्ष एमआर कुमार के मुताबिक सरकारी बीमा कंपनी ने अपने इक्विटी पोर्टफोलियो पर 1 अप्रैल से 10,000 करोड़ रुपये का लाभ कमाया है। इस दौरान घरेलू इक्विटी बेंचमार्क सेंसेक्स और निफ्टी में 30 फीसदी से ज्यादा की तेजी आई है। एलआईसी ने इसी तेजी का बखूबी फायदा उठाया है।
ऐस म्यूचुअल फंड के पास उपलब्ध डेटा के अनुसार एलआईसी पास मौजूद टॉप शेयरों में से 96 प्रतिशत ने वित्त वर्ष 2020-21 में अब तक कंपनी को मुनाफा कराया है। इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार आलोक इंडस्ट्रीज का शेयर 31 मार्च को 3.92 रुपये से 21 अगस्त तक 729 फीसदी की तेजी के साथ 32.50 रुपये पर पहुंच गया। दूसरों शेयरों में बल्लारपुर इंडस्ट्रीज, जयप्रकाश पावर वेंचर्स, रिलायंस कम्युनिकेशंस, डिग्जैम, जीटीआई इन्फ्रास्ट्रक्चर, सीजी पावर, रोल्टा इंडिया, रिलायंस पावर, रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर और डालमिया भारत में 200-500 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। इनमें कुछ शेयर ऐसे भी हैं जिनमें आप भी कमाई कर सकते हैं।
ऐसी संभावना है कि एलआईसी ने जुलाई और अगस्त के दौरान इन शेयरों में से कुछ लाभ बुक किए होगा। यानी शेयरों के रेट ऊपर जाने पर उन्हें बेच कर मुनाफा कमाया। सितंबर तिमाही की शेयरहोल्डिंग का डेटा अक्टूबर में आएगा। एलआईसी ने जून तिमाही के दौरान कम से कम 45 फर्मों में पूरी तरह या अपनी हिस्सेदारी का कुछ हिस्सा बेचा। 6 लाख करोड़ रुपये के इक्विटी पोर्टफोलियो के साथ मार्च तिमाही के अंत में 360 कंपनियों के मुकाबले 30 जून तक एलआईसी की 329 कंपनियों में हिस्सेदारी थी।
इस दौरान 50 से अधिक कंपनियों में एलआईसी ने अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है, जिनमें सुजलॉन एनर्जी, टीसीएस, टाटा पावर, टाइटन, टाटा स्टील, रिलायंस इंडस्ट्रीज, पंजाब नेशनल बैंक, ओएनजीसी और मारुति सुजुकी शामिल हैं। ये शेयर 1 अप्रैल और 21 अगस्त के दौरान 10-60 प्रतिशत तक बढ़े। बजाज ऑटो, बंगाल एंड असम कंपनी, ब्रिटानिया इंडस्ट्रीज, कैडिला हेल्थकेयर, सिप्ला और गार्डन रीच शिपबिल्डर्स कुछ ऐसे शेयर थे जिनमें एलआईसी ने जून तिमाही के दौरान अपनी होल्डिंग घटाई।
आईसीआरए, किर्लोस्कर इंजन ऑयल, पिडिलाइट इंडस्ट्रीज और शेषासायी पेपर एंड बोर्ड सहित मिड और स्मॉलकैप कंपनियां कुछ वे शेयर हैं जिनमें एलआईसी ने कुछ शेयर बेचे और पिछले पांच महीनों में 50 प्रतिशत तक लाभ कमाया। मार्च 2020 तक पॉलिसी की संख्या के अनुसार एलआईसी की बाजार हिस्सेदारी 75.90 फीसदी थी, जबकि पहले साल के प्रीमियम के हिसाब से इसकी 68.74 फीसदी हिस्सेदारी रही।
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