नयी दिल्ली। सरकार ने बजट 2020 में एलआईसी के विनिवेश का ऐलान किया था। सरकार एलआईसी का आईपीओ लाने की तैयारियां कर भी रही है। ऐसे में लोगों के मन में सवाल आ सकता है कि क्या उनका पैसा एलआईसी में सुरक्षित है। या क्या उनका पैसा कंपनी के विनिवेश (सरकार द्वारा कुछ या पूरी हिस्सेदारी बेचना) बाद सुरक्षित रहेगा। केंद्र सरकार आईपीओ के जरिए एलआईसी की कुछ हिस्सेदारी बेचेगी। विनिवेश से पहले या इसके बाद निवेशकों का पैसा सुरक्षित है या नहीं अब इस पर केंद्र सरकार का जवाब आया है। सरकार ने कहा है कि भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) के पॉलिसीधारकों को सॉवरेन गारंटी मिलती है। वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने शनिवार को लोकसभा में एक सवाल के लिखित जवाब में यह जानकारी दी।
सूरत (गुजरात) से लोकसभा सासंद दर्शना विक्रम जरदोश ने सवाल किया था कि क्या सरकार एलआईसी की पॉलिसियों पर सॉवरेन गारंटी देगी या नहीं। उन्होंने यह सवाल विनिवेश के बाद की स्थिति के लिए भी किया था। इसी सवाल के जवाब में ठाकुर ने संसद में एलआईसी में पैसा लगाने वालों की तसल्ली के लिए जवाब दिया। उन्होंने कहा कि भारतीय जीवन बीमा निगम अधिनियम, 1956 में एलआईसी द्वारा बेची गई जीवन बीमा पॉलिसियों पर सॉवरेन गारंटी का प्रावधान शामिल है। जीवन बीमा निगम अधिनियम, 1956 की धारा 37 के अनुसार, कंपनी द्वारा जारी सभी पॉलिसियों का बीमा किया जाएगा और यदि कोई बोनस दिया जाना है तो नकद भुगतान की गारंटी केंद्र सरकार द्वारा दी जाएगी।
ठाकुर ने कहा कि भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (आईआरडीएआई) ऑफसाइट और ऑनसाइट निगरानी सिस्टम के माध्यम से सभी बीमा कंपनियों के कामकाज की समीक्षा करता है। एलआईसी के परफॉर्मेंस का आकलन हर साल सरकार को बीमा कंपनी द्वारा दिए गए स्टेटमेंट ऑफ इंटेंट के माध्यम से किया जाता है। इसके साथ ही संसद के दोनों सदनों में कंपनी के कामकाज की वार्षिक रिपोर्ट रखी जाती है। संसद की विभिन्न स्थायी समितियाँ भी एलआईसी के कामकाज की समीक्षा करती हैं।
इससे पहले फरवरी में ठाकुर ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया था कि सरकार एलआईसी पॉलिसीधारकों के हितों की रक्षा करेगी। उन्होंने कहा था कि एलआईसी की स्टॉक एक्सचेंजों पर लिस्टिंग से बेहतर पारदर्शिता, सार्वजनिक भागीदारी सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। सरकार एलआईसी का आईपीओ लाने की तैयारी कर रही है। एलआईसी का आईपीओ देश में अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ इश्यू होगा। एलआईसी का इस समय शेयर बाजार में करीब 29.19 लाख करोड़ रुपये का निवेश है, जबकि देश की 45 म्यूचुअल फंड की एसेट अंडर मैनेजमेंट में करीब 27.28 लाख करोड़ रुपये लगे हुए है।
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