LIC Agent Commission News: बीमा कंपनी एलआईसी ने अपने एजेंटों का कमीशन कम करनी की घोषणा की है। एलआईसी के एजेंट ने इस फैसले को लेकर बेहद माराज हैं। इतना ही नहीं, एजेंट एसोसिएशन ने भी काम बंद करके एलआईसी की ब्रांचों के सामने धरना और प्रदर्शन करने की चेतावनी दी है। आइए इसके बारे में आपको जानकारी देते हैं।

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एलआईसी ने लिया ये फैसला

एलआईसी को सरेंडर वैल्यू नियमों में हुए बदलाव के चलते अपनी कई पॉलिसी के नियम बदलने पड़े हैं। इसकी वजह से कमीशन को भी रीस्ट्रक्चर किया गया है। पूरे देश में इस फैसले को लेकर एजेंट्स के बीच गुस्सा फूटा है। वह अपनी मांगें न मानने पर पूरे देश में प्रदर्शन की धमकी भी दे रहे हैं।

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आपको बता दें कि सरेंडर वैल्यू के नए नियम 1 अक्टूबर से लागू हुए है और इसके अनुसार, पहला प्रीमियम देने के बाद पॉलिसी सरेंडर करने पर भी लोगों का पूरा पैसा डूबेगा नहीं। उन्हें प्रीमियम का कुछ हिस्सा वापस मिल जाएगा। इस वजह से एलआईसी ने कई पॉलिसी के नियमों में बदलाव किया है और एजेंटों का कमीशन को कम कर दिया है। आपको बता दें कि 1 अक्टूबर से प्रभावी, एंडोमेंट प्लान में संशोधनों में पहले साल के एजेंट कमीशन में 7% की कटौती करके 28% करना शामिल है।

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एलआईसी पर नए नियमों को वापस लेने का दबाव

लाइफ इंश्योरेंस एजेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया ने अपने सदस्यों को लिखे पत्र में ये भी डिमांड की है कि एलआईसी पर नए नियमों को वापस लें ताकि कमीसन पर कोई असर न हो। एजेंट्स फेडरेशन का दावा है कि एलआईसी ने यह निर्णय लेने से पहले उनसे विमर्श नहीं किया है। मनी कंट्रोल की रिपोर्ट के अनुसार, एजेंट्स फेडरेशन ने 30 अक्टूबर तक कई जगह एलआईसी ब्रांच के सामने धरना देने की योजना बनाई है।

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IRDAI ने इंश्‍योरेंस कंपनियों को 30 सितंबर तक दिया था समय

आपको बता दें कि इससे पहले की इंश्‍योरेंस पॉलिसीज पर इसे लागू करने के लिए रेग्युलेटर ने जीवन बीमा कंपनियों को नए मानदंडों का पालन करने के लिए IRDAI ने इंश्‍योरेंस कंपनियों को 30 सितंबर तक का समय दिया था।

ये संशोधन भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (इरडाई) के जीवन बीमा उत्पादों (बीमा उत्पाद विनियम, 2024) पर मास्टर सर्कुलर के बाद किए गए हैं। प्रमुख बदलावों में एंडोमेंट प्लान खरीदने की प्रवेश आयु को 55 से घटाकर 50 वर्ष करना शामिल है।

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प्रीमियम दरों में वृद्धि के साथ न्यूनतम मूल बीमा राशि को ₹ 1 लाख से बढ़ाकर ₹ 2 लाख कर दिया गया है।पॉलिसी अब पहले साल के अंत में सरेंडर मूल्य प्राप्त करेगी, बशर्ते कि एक साल का पूरा प्रीमियम चुकाया गया हो।इससे पहले यह दो साल तक का था।