भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) के निवेशकों के लिए आज का दिन बेहद अहम है। कंपनी के पहले 1:1 बोनस इश्यू के लिए ई-वोटिंग आज बंद हो रही है। शेयरधारकों के पास अपना वोट डालने के लिए आज शाम 5:00 बजे (भारतीय समयानुसार) तक का ही समय है। सरकारी बीमा कंपनी का यह फैसला ऐतिहासिक माना जा रहा है, जिसका सीधा मकसद अपने वफादार रिटेल निवेशकों को रिवॉर्ड देना है।

Advertisement

वोटिंग के नतीजे 19 मई तक आने की उम्मीद है। मंजूरी मिलते ही बोनस शेयर अलॉट करने का रास्ता साफ हो जाएगा। जानकारों का मानना है कि यह पूरी प्रक्रिया जून के मध्य तक पूरी हो सकती है। हालांकि, कंपनी ने अभी तक आधिकारिक 'रिकॉर्ड डेट' का ऐलान नहीं किया है। निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे इस बड़े अपडेट के लिए कंपनी की आधिकारिक सूचनाओं पर नजर रखें। सेकेंडरी मार्केट में ट्रेडिंग के लिहाज से यह टाइमलाइन काफी महत्वपूर्ण है।

Advertisement

LIC 1:1 बोनस इश्यू: समझिए क्या है इसका पूरा गणित

1:1 बोनस इश्यू का मतलब है कि शेयरधारकों को उनके पास मौजूद हर एक शेयर पर एक शेयर मुफ्त मिलेगा। इससे आपके डीमैट अकाउंट में शेयरों की संख्या दोगुनी हो जाएगी। हालांकि, एक्स-डेट (ex-date) पर शेयर की कीमत उसी अनुपात में नीचे आ जाएगी। उदाहरण के तौर पर, अगर कोई शेयर 1,000 रुपये पर ट्रेड कर रहा है, तो वह घटकर 500 रुपये का हो जाएगा। इस एडजस्टमेंट के बाद आपके कुल निवेश की वैल्यू पहले जितनी ही रहेगी।

LIC पॉलिसीधारकों को ध्यान देना चाहिए कि यह बोनस सिर्फ इक्विटी यानी शेयरों पर लागू होता है। इससे आपकी ट्रेडिशनल बीमा पॉलिसी की मैच्योरिटी या सालाना बोनस पर कोई असर नहीं पड़ेगा। पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) या सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम (SCSS) जैसी योजनाओं पर मिलने वाला रिटर्न भी पहले की तरह फिक्स रहेगा। निवेशकों को इंश्योरेंस बोनस और स्टॉक बोनस के बीच का अंतर समझना चाहिए, क्योंकि एक आम बचतकर्ता के लिए ये दोनों अलग-अलग वित्तीय लक्ष्यों को पूरा करते हैं।

Advertisement
स्कीम का प्रकारब्याज दरजोखिम का स्तर
पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF)7.1 प्रतिशतजीरो रिस्क
सुकन्या समृद्धि योजना (SSY)8.2 प्रतिशतजीरो रिस्क
सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम (SCSS)8.2 प्रतिशतजीरो रिस्क
ट्रेडिशनल LIC पॉलिसीबोनस पर आधारितकम जोखिम

LIC 1:1 बोनस इश्यू: आगे क्या होगा? जानिए जरूरी टाइमलाइन

रिटेल निवेशकों को अब बोर्ड मीटिंग के नतीजों पर फोकस करना चाहिए। बोनस के अलावा, बाजार को कंपनी की ओर से डिविडेंड (लाभांश) के ऐलान की भी उम्मीद है। इस तरह के अपडेट्स अक्सर इंश्योरेंस सेक्टर में निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ा देते हैं। जून के आखिर तक अपने डीमैट अकाउंट में नए शेयरों को जरूर चेक कर लें। कंपनी के इस रणनीतिक कदम से छोटे निवेशकों के लिए मार्केट में शेयरों की लिक्विडिटी (तरलता) बढ़ने की संभावना है।