Lenskart IPO: देश की जानी-मानी आईवियर ब्रांड लेंसकार्ट (Lenskart) जल्द ही शेयर बाजार में कदम रखने जा रही है। कंपनी ने इसके लिए 2,150 करोड़ रुपए के आईपीओ (IPO) की तैयारी शुरू कर दी है। यह खबर निवेशकों के लिए काफी अहम मानी जा रही है। लेकिन इससे भी दिलचस्प है इसके फाउंडर पीयूष बंसल की कहानी जिन्होंने एक मामूली नौकरी से शुरुआत कर आज एक बड़ी कंपनी खड़ी कर दी।

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पढ़ाई में असफलता, लेकिन हौसला नहीं टूटा

पीयूष बंसल ने अपनी स्कूलिंग दिल्ली के डॉन बॉस्को स्कूल से की थी। उन्होंने IIT में दाखिले की कोशिश की लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद उन्होंने कनाडा की मैकगिल यूनिवर्सिटी से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की। विदेश में रहकर खर्च उठाना मुश्किल था, इसलिए उन्हें काम करना पड़ा।

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रिसेप्शनिस्ट की नौकरी से सीखी कोडिंग

शुरुआत में उन्होंने एक टेक कंपनी में रिसेप्शनिस्ट की नौकरी की। वहीं एक सीनियर ने उन्हें कोडिंग सिखाई, जिससे उनका करियर बदला। उन्होंने धीरे-धीरे तकनीक को अच्छे से समझा और इसमें रुचि लेने लगे।

माइक्रोसॉफ्ट की नौकरी छोड़ी, क्योंकि सपना था कुछ अलग

कोडिंग सीखने के बाद उन्हें माइक्रोसॉफ्ट में काम करने का मौका मिला। लेकिन एक साल के अंदर ही उन्होंने वह नौकरी छोड़ दी और भारत लौट आए। उनका सपना था खुद का बिज़नेस खड़ा करना।

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SearchMyCampus से शुरू किया सफर

भारत लौटने के बाद उन्होंने एक वेबसाइट बनाई SearchMyCampus.com, जो कॉलेज छात्रों को कोचिंग, रूम और पार्ट टाइम जॉब ढूंढने में मदद करती थी। यह स्टार्टअप सफल रहा और यहीं से उन्होंने डिजिटल बिजनेस की बारीकियां सीखी।

2010 में हुई लेंसकार्ट की शुरुआत

साल 2010 में उन्होंने अपने दो साथियों के साथ मिलकर Valyoo Technologies की शुरुआत की। शुरुआत में कंपनी सिर्फ कॉन्टैक्ट लेंस बेचती थी, फिर इसका नाम Lenskart रखा गया और चश्मों की पूरी रेंज बाज़ार में उतारी गई।

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देशभर में फैला कारोबार

आज लेंसकार्ट के पूरे भारत में 1,550 से ज्यादा स्टोर्स हैं। कंपनी ने खुद को ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों प्लेटफॉर्म पर मज़बूत किया है। इसकी वैल्यूएशन अब 45,000 करोड़ रुपए से ज्यादा हो गई है।

IPO से आम लोगों को भी मिलेगा मौका

कंपनी अब IPO के जरिए आम निवेशकों को अपने शेयर खरीदने का मौका दे रही है। यह कदम लेंसकार्ट को एक नई ऊंचाई पर ले जाने की तैयारी है। इससे कंपनी को पूंजी भी मिलेगी और ग्राहकों से सीधा जुड़ाव भी।

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पीयूष बंसल की कहानी हर युवा के लिए प्रेरणा

पीयूष बंसल की यह यात्रा दिखाती है कि सपनों को साकार करने के लिए डिग्री से ज्यादा ज़रूरी होती है लगन और हिम्मत। एक रिसेप्शनिस्ट से लेकर एक सफल कारोबारी बनने का उनका सफर हर युवा को आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।