Larsen & Toubro (L&T) Share Price: आज ट्रेडिंग शेसन में बाजार की शुरुआत हरे निशान के साथ हुई। मार्केट के दोनों बेंचमार्क उछाल के साथ कारोबार करते नजर आ रहे हैं। मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार में बढ़त देखने को मिली, भले ही कॉरपोरेट नतीजों में खास हलचल नहीं रही और अमेरिका-भारत व्यापार समझौते में देरी की खबरें आईं।

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इसके बावजूद निवेशकों का भरोसा बना रहा और बाजार मजबूती के साथ बंद हुआ। बीएसई सेंसेक्स करीब 447 अंक की बढ़त के साथ 81,337 के स्तर पर बंद हुआ।

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वहीं, एनएसई निफ्टी ने भी अच्छी मजबूती दिखाई और 140 अंकों की तेजी के साथ 24,821 पर जाकर बंद हुआ। बाजार फिलहाल एक सीमित दायरे में बना हुआ है। अगले कुछ दिनों में कंपनियों के तिमाही नतीजे और वैश्विक घटनाक्रम बाजार की दिशा तय करेंगे। निवेशकों को फिलहाल सतर्क रहकर ही ट्रेडिंग करने की सलाह दी जा रही है।

इंजीनियरिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र की दिग्गज कंपनी एलएंडटी (L&T) ने अपनी जून तिमाही के नतीजे जारी किए हैं। इस तिमाही में कंपनी को बड़ा फायदा हुआ है। इसका कुल मुनाफा 30% बढ़कर 3,617 करोड़ रुपए पर पहुंच गया, जो कंपनी की मजबूती को दर्शाता है। एलएंडटी के शेयर्स आज बुधवार को 4.19% तक की तेजी के साथ 3641 रुपए पर ट्रेड कर रहा है। वहीं, पिछले कारोबारी सेशन पर नजर डालें तो कंपनी का शेयर 3495 रुपए पर क्लोज हुआ था।

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इंकम में भी दिखा दम, 16% की छलांग

एलएंडटी की कुल कमाई यानी रेवेन्यू में भी अच्छी बढ़त देखने को मिली है। पिछले साल की तुलना में इस बार कंपनी की आय 16% बढ़कर 63,679 करोड़ रुपए पर पहुंच गई। यह कंपनी की लगातार बढ़ते प्रोजेक्ट और मजबूत ऑर्डर बुक का असर है।

ऑपरेटिंग प्रॉफिट में हुआ सुधार

इस दौरान कंपनी का ऑपरेटिंग प्रॉफिट (EBITDA) भी बढ़कर 6,318 करोड़ रुपए हो गया, जो सालाना आधार पर 13% की बढ़ोतरी को दिखाता है। इसका मतलब है कि कंपनी का मूल संचालन अच्छा चल रहा है।

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मार्जिन में मामूली गिरावट

जहां एक तरफ मुनाफा और कमाई बढ़ी है, वहीं ऑपरेटिंग मार्जिन में थोड़ा सा दबाव देखने को मिला। पिछली तिमाही में जहां मार्जिन 10.2% था, अब यह घटकर 9.9% पर आ गया है। यानी प्रोजेक्ट्स की लागत या खर्च में कुछ बढ़ोतरी हुई है।

निवेशकों को क्या समझना चाहिए?

एलएंडटी के ये आंकड़े बताते हैं कि कंपनी की मांग बनी हुई है और उसका ग्रोथ ट्रैक सही दिशा में है। हालांकि, लागत नियंत्रण एक अहम मुद्दा रहेगा। अगर कंपनी इसे संभाल लेती है, तो आने वाली तिमाहियों में और भी बेहतर प्रदर्शन संभव है।

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(डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है. गुडरिटर्न्स की ओर से निवेश की सलाह नहीं है. यह ब्रोकरेज की ओर से सलाह दी गई है. शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है. किसी भी तरह के निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से जरूर परामर्श करें.)