L&T Period Leave: महिलाओं के लिए राज्य सरकार और केंद्र सरकार अलग-अलग योजना चलाती है। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 7 मार्च को दुनियाभर में मनाया जाएगा। एल एंड टी के चेयरमैन एस एन सुब्रह्मण्यन ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस से पहले एक बड़ी अपडेट दी है। उन्होंने हर महीने महिलाओं को एक दिन के लिए पेड पीरियड लीव देने की घोषणा की है।

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कंपनी ने किया ये ऐलान (Larsen and Toubro Announced a Paid Menstrual Leave)

एल एंड टी में महिला दिवस समारोह के दौरान कंपनी के चेयरमैन एस एन सुब्रह्मण्यन ने पहली बार महिला कर्मचारियों को हर महीने में एक दिन के लिए पीरियड लीव देने का ऐलान किया है। कंपनी ने यह ऐलान पवई ऑफिस में हुए समारोह में इसकी जानकारी दी थी। एल एंड टी से पहले ऑनलाइन फूड डिलीवरी कंपनी जोमैटो, Swiggy और बायजू कंपनी में पीरियड लीव दी जा रही है।

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इसके अलावा बिहार, केरल, सिक्किम में सरकारी महिला कर्मचारियों को पीरियड लीव मिलती है। ओडिशा में सरकारी और निजी कंपनियों की महिलाओं को पीरियड लीव मिलती है।

इतनी महिलाएं कर्मचारी करती हैं कंपनी में काम (L&T Paid Period Leave)

एल एंड टी में कुल 60,000 कर्मचारी हैं और इनमें वुमेन्स एंप्लाइज की संख्या 5,000 है, जो कुल वर्कफोर्स का 9 फीसदी है। हालांकि, इस लीव पॉलिसी में एलएंडटी की नॉन-कंस्ट्रक्शन और नॉन-इंजीनियरिंग बिजनेस जैसे फाइनेंशियल और टेक्नोलॉजी सर्विसेज से जुड़ी कंपनी शामिल नहीं हैं. ऐसा इसलिए है क्योंकि इन बिजनेस में घर से काम करने की सुविधा है, जबकि मुख्य एलएंडटी के ऑपरेशन में वर्क फ्रॉम ऑफिस पॉलिसी है।

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इन देशों में मिलती है पीरियड लीव (L&T News)

एशिया, यूरोप के ऐसे बहुत से देश है, जो अपनी महिला कर्मचारियों के मुश्किल दिनों की परेशानी को समझते हुए उनको मासिक धर्म अवकाश देते हैं. किसी देश में 1 दिन तो कहीं पर दो या तीन दिन की पीरियड्स लीव का प्रावधान है. जापान में महिला कर्मचारियों को साल 1947 से मासिक धर्म अवकाश मिल रहा है. वहीं दक्षिण कोरिया, इंडोनेशिया, फिलीपींस, जाम्बिया, स्पेन, वियतनाम समेत तमाम देश अपनी महिला कर्मचारियों को पीरियड्स लीव दे रहे हैं।

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इससे पहले एल एंड टी के चेयरमैन एस एन सुब्रह्मण्यन ने कर्मचारियों को एक हफ्ते में 90 घंटे काम करने वाला बयान था। उन्होंने इतना तक कह दिया था कि कोई पति घर में अपनी पत्नी को कितनी देर तक घूर सकता है। एस एन सुब्रह्मण्यन के इस बयान की काफी आलोचना हुई थी। कई लोगों ने सोशल मीडिया पर उन्हें ट्रोल भी किया था।