Lithium reserves found in Jammu and Kashmir : मोदी सरकार पर इस वक्त किस्मत मेहरबना कही जा सकती है। दुनिया में बहुत ही खास धातु समझी जाने वाली लीडियम का देश में भंडार मिला है। अगर इसका खनन बताई मात्रा में किया जाने लगा तो देश के इलेक्ट्रिक वाहनों की बैटरी की दिक्कत खत्म हो सकती है। फिलहाल देश में ईवी के लिए बैट्री बनाना एक कठिन चुनौती है। लेकिन यह खोज अब देश के ईवी बाजार की दिशा बदल सकती है।

Advertisement

पहली बार मिला है लीथियम का भंडार

भारत में पहली बार लीथियम के भंडार मिला है। यह खोज जम्मू कश्मीर में पहली बार की गई है। जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया ने इसकी पुष्टि कर दी है। खनन मंत्रालय को रियासी जिले के सलाल-हैमाना इलाके में करीब 59 लाख टन लीथियम का भंडार होने का पता चला है। यह जानकारी 62वीं सेंट्रल जियोलॉजिकल प्रोग्रामिंग बोर्ड (सीजीपीबी) की बैठक के दौरान सामने आई है। इस रिपोर्ट को अब राज्य सरकार को सौंप दिया गया है।

Advertisement
New Year SIP : 1000 रुपये महीने से लग जाएगा पैसों का ढेर
ईवी बैटरी के लिए महत्वपूर्ण है यह

भारत सरकार के खनन सचिव विवेक भारद्वाज के अनुसार लीथियम एक अलौह धातु है। इसका इस्तेमाल इलेक्ट्रॉनिक वाहनों की बैटरी में किया जाता है। यह पहली बार है कि लीथियम का भंडार देश में मिला है। मोबाइल फोन, सोलर पैनल समेत कई उपकरणों में लीथियम, निकल और कोबाल्ट जैसे खनिज का इस्तेमाल किया जाता है। वहीं खनन मंत्रालय ने अपने बयान में कहा है कि तकनीक में इस्तेमाल होने वाले मिनरल की सप्लाई चेन को मजबूत करने के लिए भारत सरकार लगातार काम कर रही है।

पांच ब्लाक में सोना भी मिला

जियोलॉजिकल प्रोग्रामिंग बोर्ड (सीजीपीबी) की बैठक के दौरान 15 अन्य संसाधनों वाली भूवैज्ञानिक की रिपोर्ट भी जारी की गई है। इसमें बताया गया है कि 51 खनिज ब्लॉकों में से पांच में गोल्ड का भी पता चला है। वहीं, अन्य ब्लाक में पोटाश, मोलिब्डेनम, बेस मेटल जैसी धातुएं मिली हैं। यह ब्लॉक 11 राज्यों में फेले हुए है। इन राज्यों के नाम हैं जम्मू और कश्मीर, आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात, झारखंड, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, ओडिशा, राजस्थान, तमिलनाडु और तेलंगाना।

भारत लीथियम का बड़ा आयातक देश

भारत अभी तक लीथियम, निकल और कोबाल्ट समेत कई खनिज पदार्थों का भारी मात्रा में आयात करता है। 62वीं सेंट्रल जियोलॉजिकल प्रोग्रामिंग बोर्ड की बैठक में खनन सचिव ने कहा है कि आत्मनिर्भर बनने के लिए सबसे जरूरी है कि हम खनिज पदार्थों तलाश करें और उसे प्रोसेस करने की कोशिश करें।