Fixed Deposit को अधिक वक्त के निवेश के लिए बेहतर ऑप्शन माना जाता हैं। लोग शादी, घर बनाने आदि अपने फाइनेंशियल गोल्स को पूरा करने के लिए फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) में निवेश करते है। अपने रिटायरमेंट प्लान को बेहतर करने के लिए फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) में इन्वेट्समेंट में निवेश बहुत सहायता करती है।

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हालांकि, अगर आप फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) में निवेश करने का प्लान कर रहे हैं तो फिर आपको कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए। जिससे आप अधिक से अधिक रिटर्न प्राप्त कर सकें।

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एफडी का समय

एफडी की अवधि से उसकी ब्याज दर जुड़ी हुई होती है। हम एक उदाहरण से समझे तो 10 साल की अवधि का रिटर्न हमेशा 1 साल की अवधि को एफडी से अधिक होगा। आपने अपने हिसाब से शॉर्ट, मीडियम और लॉन्ग टर्म के लिए एफडी चुन सकते है।

रेटिंग्स

क्रिसिल और केयर जैसी क्रेटिड रेटिंग एजेंसियां के पास वित्तीय संस्थानों को रेटिंग देने का काम है। वे कई पैरामीटर्स पर इनको रेटिंग देती है। किसी वित्तीय संस्थान की क्रिसिल एफएए प्लस या केयर एए रेटिंग सबसे बेहतर माना जाता है।

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आप अपने निवेश के जोखिम को कम करने के लिए एक काम कर सकते है। वो ये कि आप वित्तीय संस्थान की क्रेडिट रेटिंग अवश्य चेक कर लें।

ब्याज दर

कम्यूलेटिव और नॉन-कम्यूलेटिव ये दो प्रकार कि ब्याज दरें होती है।

लोन की सुविधा

लोगों को कई बार काफी अधिक पैसे की जरूरत पड़ जाती है। जिस वजह से वे अपने पैसे की जरूरत को पूरा करने के लिए लोन के लिए आवेदन करते है। हालांकि यदि आपने एफडी खोली है तो उसके बदले लोन ले सकते हैं।

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आप निवेश किए गए पैसे के 75 फीसदी तक लोन मिल सकता हैं। आपको एफडी के ब्याज से इसमें 2 फीसदी अधिक लोन चुकाना होता हैं।

करें एनालाइज

सभी प्रकार की एफडी काफी बेहतर है लेकिन वित्तीय संस्थान नहीं इसी कारण आप एफडी अकाउंट ओपन करने से पहले वित्तीय संस्थान के वैल्यू-एडेड सर्विसेज और फीचर्स को जरूर एनालाइज कर लें।

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