Anil Agarwal Success Story: आज हम आपको एक ऐसे व्यक्ति की सफलता की कहानी बताने जा रहे है जिन्होंने कई बार कारोबार को शुरू किया और वे असफल हो गए लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और आज वे एक सफल व्यक्ति हैं। आज हम आपको जिस व्यक्ति की सफलता की कहानी बताने जा रहे है उनका नाम अनिल अग्रवाल हैं वे वेदांता ग्रुप के फाउंडर और चेयरमैन हैं तो फिर आइए जानते हैं इनकी सफलता की कहानी।

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20 वर्ष की आयु में अनिल ने पटना छोड़ दिया था और वे खाली हाथ मुंबई आ गए थे। उन्होंने यह पर काफी मेहनत की। उन्होंने वर्ष 1970 में कबाड़ के कारोबार से अपने करियर की शुरूआत की थी और हम अभी बात करें तो फिर वे 1 लाख 98 हजार करोड़ रु की कंपनी चला रहे हैँ।

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फोर्ब्स के अनुसार, उनकी निजी संपत्ति 16 हजार 400 करोड़ रु है। उनके परिवार की कुल संपत्ति 32 हजार करोड़ रु से ज्यादा है। अब इनका बिजेनस भारत के साथ ही दुनिया के कई दूसरे देशों में भी है।

अनिल अग्रवाल का बचपन पटना में व्यतीत हुआ है। अनिल का जन्म वर्ष 1954 में पटना में एक मारवाड़ी परिवार में हुआ था। अनिल की पढ़ाई भी पटना के एक सरकारी स्‍कूल मिलर हाई स्‍कूल से ही हुई है। उनके पिता द्वारका प्रसाद अग्रवाल एल्युमिनियम कंडक्‍टर के छोटे कारोबारी थे।

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शुरुआत में उन्होंने अपने पिता का भी हाथ बंटाया। इसके बाद वे नई संभावनाओं की तलाश में 20 वर्ष की आयु में मुंबई चले गए थे।

उन्होंने मुंबई जाकर मेटल स्‍क्रैप का बिजनेस शुरू किया था। वे इस बिजनेस के जरिए आगे बढ़ते गए। इसके बाद नई कंपनियों का अधिग्रहण करते गए। इनका देश के बाहर भी कई सारे देशों में बिजनेस हैं। मीडिया रिपोर्टस् के अनुसार, हाल के दिनों में अनिल अग्रवाल सेमी कंडक्‍टर प्रोडक्‍शन प्रोजेक्‍ट के कारण चर्चा में आए।

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