Success Story: ज्‍योतिष जिसे भारत में सुपर साइंस भी कहा जाता है, यह एक ऐसी विधा है सभी जिसके बारे में लोग उत्सुक तो होते ही है लेकिन भरोसा नहीं होता है। कुछ ऐसी ही स्थिति थी ज्‍योषित फील्‍ड में काम करने वाले सफल स्‍टार्टअप एस्‍ट्रोटॉक के फाउंडर व सीईओ पुनीत गुप्‍ता की। आईटी सेक्‍टर और मार्केटिंग के खिलाड़ी पुनीत की जिंदगी भी एक भविष्‍यवाणी के बाद बदल गई।

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मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, आईटी सेक्‍टर में पुनीत गुप्‍ता नौकरी करते थे। इसी दौरान पुनीत की मुलाकात एक ज्‍योतिषी से हुई जिसने कहा कि वे बेहद ही जल्द एक आईटी बिजनेस को शुरू करेंगे लेकिन वह आगे चलकर ठप हो जायेगा।

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उन्हें यकीन नहीं हुआ और वे सब भूलकाफ काम में लग गए। उन्होंने कुछ वक्त बाद एक पार्टनर के साथ मिलकर आईटी सॉल्‍यूशंस कंपनी शुरू की। उनके पार्टनर ने कुछ वक्त बाद उनका साथ छोड़ दिया और उनका कारोबार डूब सा गया। उन्हें इसके बाद ज्‍योतिषी की बात याद आई और उससे मिलने पहुंच गए।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पुनीत के मुताबिक, ज्‍योतिषी ने उन्‍हें एस्‍ट्रोलॉजी की फील्‍ड में कुछ करने को कहा, जो उनके लिए बेहतर बताया लेकिन एक साथ धक्‍के खाने के बाद अच्‍छे दिन आएंगे। पहले तो पुनीत की मंशा थी कि एस्‍ट्रोलॉजी से जुड़े काम को वीडियो के जरिये पेश किया जाए और एक-एक आदमी तक पहुंचकर इस पर बात की जाए।

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मगर उन्हें जल्द ही पता चल गया कि लोग अपना चहेरा नहीं दिखाना चाहते और न ही अपनी परेशानी पर सामने से बात करना चाहते हैं, फिर एक ऐप बनाया और उसके माध्यम से ऑडियो कॉल करने की सुविधा दी। लोगों ने इसको काफी पसंद किया और उनका नाम चल गया।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इसके बाद पुनीत की ऑडियो कॉल को लोगों ने काफी पसंद किया। इसके बाद वे यह सुविधा चैट के रूप में भी देना चाहते थे। फिर उन्होंने चैट का ऑप्शन शुरू किया और यह मास्‍टर स्‍ट्रोक साबित हुआ। पुनीत के मुताबिक, 2018 में पहली बार कंपनी प्रॉफिट में आई।

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मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उन्होंने अपनी कंपनी को शुरू करने के लिए सिर्फ 30 लाख रु का निवेश किया। अगर वित्‍त वर्ष 2023 के आंकड़े देखें तो एस्‍ट्रोटॉक को लगभग 27.06 करोड़ रु का नेट प्रॉफिट हुआ।

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