Exchange mutilated note : भारत में भले ही काफी तेजी से यूपीआई ट्रांजेक्शन में इजाफा हुआ हो लेकिन अभी भी देश में कैश का चलन है। हालांकि, लोगों को कई बार कटे-फटे नोट या खराब नोट के कारण दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।

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इसकी एक बड़ा कारण यह है कि नोट कागज के बने होते हैं जिनके खराब होने का डर हमेशा ही बना रहता है। कई बार तो एटीएम से भी कटे फटे और टेप लगे हुए नोट निकाल जाते है हालांकि, बैंक की कैश डिपॉजिट मशीन कभी भी ऐसे नोटों को एक्सेप्ट नहीं करती है।

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कटे-फटे के कारण लोगों को कई बार दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। क्योंकि ऐसी नोटो को दुकानदार भी एक्सेप्ट नही करते हैं।

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) ने इस परेशानी को हर करने के लिए देश के हर बैंक को नोटों के बदले गंदे, कटे-फटे या खराब हुए नोटों को रेगुलेट करने की सर्विस देने का आदेश दिया है। हालांकि, ऐसे नोटों की प्राइ तय करने लोगों को नए नोट कैसे दिए जाने हैं इस बारे में अलग अलग तरह के नियम हैं।

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आरबीआई ने क्या कहा था

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इस वर्ष 3 अप्रैल 2023 को एक मास्टर डायरेक्शन में कहा था और 15 मई को दोहराया था कि सभी कीमतों के लिए नए और बेहतर क्वालिटी वाले नोट और सिक्के जारी किए जाएंगे। वही, कटे-फटे और गंदे नोटों को बैंक में बदलने का कुछ तरीका भी है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार डीबीएस बैंक इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर प्रशांत जोशी की तरफ से मीडिया को बताया गया कि अगर आपको गंदे या फिर कटे-फटे नोटों को बदलना है तो फिर इसके लिए आपको बैंक में खाता खोलने की जरूरत नहीं है। वे किसी भी बैंक में जाकर अपने खराब नोटों को बदलवा सकते हैं।

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रिजर्व बैंक पॉलिसी तय करती है नोटों की प्राइस

कटे फटे नोटों की प्राइस आरबीआई की तरफ से तय की जाती है। नोटों की क्वालिटी पर नोट की प्राइस तय की जाती है। अगर आपके पास 50 रु से कम प्राइस के फटे या गंदे नोट है तो फिर इस नोट का 50 प्रतिशत से भी अधिक का हिस्सा खराब है तो फिर उस पर आपको पूरी कीमत दी जाएगी।

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कटे-फटे नोटों के लिए नियम थोड़े अलग है। अगर दावे में दो टुकड़े में कटा हुआ नोट शामिल है, है नाइट का खराब हिस्सा 40 फीसदी के बराबर या उससे ज्यादा है, तो नोट के पूरे मूल्य के लिए दावा वापस किया जा सकता है। वही, पूरी तरह से खराब हुए या फिर जले नोटों के बदले आपको कुछ भी नहीं मिलेगा।

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