नई दिल्ली, जून 30। म्यूचुअल फंड में निवेश करने वाले ज्यादातर निवेशकों को इस वक्त अपना रिटर्न कम दिख रहा है। अगर यह निवेश बीते 1 साल में किया गया है, तो हो सकता है कि वह घाटे में भी दिख रहा हो। हालांकि अगर म्यूचुअल फंड में निवेश अगर 2 साल या 3 साल पहले किया गया होगा, तो वह फायदे में तो दिख रहा होगा, लेकिन यह फायदा काफी कम हो चुका होगा। ऐसे में अगर किसी की म्यूचुअल फंड स्कीम का रिटर्न अगर निगेटिव हो गया हो, यानी घाटा दिखा रहा हो, तो उनके लिए यह काफी अच्छा समय है कि वह कुछ कदम उठाएं और अपने निगेटिव रिटर्न को फायदे में बदलने की कोशिश करें। अगर आप यह करना चाहते हैं, तो आइये जानते हैं कि यह कैस किया जा सकता है।
वित्तीय बाजार के जानकार और बीपीएन फिनकैप के डायरेक्टर एके निगम के अनुसार शेयर बाजार में जब भी गिरावट आती है, तो इक्विटी म्यूचुअल फंड स्कीमों के रिटर्न में भी गिरावट आ जाती है। ऐसे में जरूरी है कि निवेशक पहले यह समझें कि म्यूचुअल फंड में निवेश शेयर बाजार की उठापटक से जुड़ा होता है। ऐसे में यह थोड़ा ऊपर या नीचे होता रहता है। इसलिए जब भी निवेश करें लम्बे समय के लिए करें। यहां पर लम्बे समय का मतलब कम से कम 3 साल है।
आइये अब जातने हैं कि कैसे म्यूचुअल फंड के नुकसान को फायदे में बदलें।
म्यूचुअल फंड स्कीम में अगर निवेश इस वक्त घाटे में दिख रहा है, तो पहले उसकी तुलना बैंचमार्क रिटर्न से करें। यानी अगर आपकी म्यूचुअल फंड स्कीम लार्ज कैप फंड है, तो लार्ज कैप फंड का अपनी स्कीम की हिसाब से रिटर्न देखें। यानी अगर आपकी म्यूचुअल फंड स्कीम का निवेश 1 साल का हो गया है, तो बैंचमार्क रिटर्न 1 साल का देखें। जानिए 1 साल का म्यूचुअल फंड स्कीमों का बैंचमार्क रिटर्न।
ये हैं म्यूचुअल फंड स्कीमों के बैंचमार्क रिटर्न
- मल्टी कैप फंड कैटेगरी : 8.0 फीसदी
- लार्ज कैप फंड कैटेगरी : 3.2 फीसदी का निगेटिव रिटर्न
- लार्ज एंड मिड कैप फंड कैटेगरी : 1.7 फीसदी
- मिड कैप फंड कैटेगरी : 1.8 फीसदी
- स्मॉल कैप फंड कैटेगरी : 7.4 फीसदी
- ईएलएसएस कैटेगरी : 5.5 फीसदी
- वैल्यू फंड कैटेगरी : 1.2 फीसदी
- डिविडेंड यील्ड फंड कैटेगरी : 0.3 फीसदी
- कॉन्ट्रा फंड कैटेगरी : 4.1 फीसदी
अगर आपकी म्यूचुअल फंड स्कीम का रिटर्न बैंचमार्क रिटर्न से अच्छा है, तो आपकी म्यूचुअल फंड स्कीम ठीक है। लेकिन अगर आपकी म्यूचुअल फंड स्कीम का रिटर्न बैंचमार्क स्कीम से खराब है, तो फिर ऐसी म्यूचुअल फंड स्कीम से निकलना ही ठीक हो सकता है।
जानिए और क्या क्या विकल्प।
अगर आपकी म्यूचुअल फंड स्कीम का रिटर्न इस वक्त कुछ कम दिख रहा है, तो यह सही मौका है कि आप अपने फंड की एवरेजिंग कर लें। एवरेजिंग का मतलब है कि आप थोड़ा थोड़ा करके अपनी म्यूचुअल फंड स्कीम में इस गिरावट के वक्त कुछ और निवेश कर दें, जिससे जब शेयर बाजार ऊपर जाएगा तो आपकी म्यूचुअल फंड स्कीम तेजी से फायदा दिखाने लगेगी।
अगर आप म्यूचुअल फंड में निवेश एसआईपी माध्यम से करते हैं, तो इस वक्त उसे चलाने में ही अच्छाई है। क्योंकि एसआईपी शेयर बाजार की गिरावट के वक्त ही सबसे अच्छी एवरेजिंग करती है। वहीं अगर आप थोड़ा स्मार्ट इन्वेस्टर हैं, तो एसआईपी वाली म्यूचुअल फंड स्कीमें में थोड़ा टॉप अप भी कर सकते हैं। यानी इस गिरावट के वक्त आप अपनी म्यूचुअल फंड स्कीम में थोड़ा पैसा एसआईपी के अतिरिक्त भी निवेश कर सकते हैं। ऐसा करने से आपकी एवरेजिंग थोड़ा और अच्छी हो जाएगी। इसका बाद में ज्यादा फायदा मिलेगा।
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