PM Modi visit: कारोबार और द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ावा देने के लिए पीएम मोदी की फ्रांस यात्रा से पहले आइए हम भारत में पहले से ही कार्य कर रही कुछ बेहद ही महत्वपूर्ण फ्रांसीसी कंपनियों पर एक नजर डालते है। दरअसल, कई सारे बड़े फ्रांसीसी ग्रुप की सहायक कंपनियां देश में है।
फ्रांसीसी कंपनियों के कुछ ज्वाइंट वेंचर और संपर्क कार्यालय भी भारत में हैं। सीएसी 40 की 40 कंपनियों में कंपनियां है। इन कंपनियों में से 39 कंपनियां भारत में मौजूद हैं। देश में करीब 50 से 70 एसएमई भी प्रमुख रूप से मैकेनिकल और फार्मा-रासायनिक सेक्टर में मौजूद हैं।
कंपनियों की बात करें तो फिर सेवाओं के क्षेत्र की बात करें तो फिर इनमें बीएनपी परिबास, कैप जेमिनी, हवास, सोडेक्सो कंपनियां है। वही, फार्मास्यूटिकल केमिकल के क्षेत्र में अर्केमा, लॉरियल, सनोफी, टोटल एनर्जिस कंपनियां है।
एयरोस्पेस सेक्टर में बात करें तो फिर इसमें एयरबस, डसॉल्ट, सफरान, थेल्स, यूरोकॉप्टर कंपनी है। वही, एग्रो-फूड के सेक्टर में लैक्टालिस, लेसाफ्रे, बोंग्रेन, डैनोन, पेरनोड रिकार्ड कंपनियां है।
इसके साथ ही इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में क्राउजेट , ओबेरथुर, सफ्रान, एसटीएमइक्रोइलेक्ट्रॉनिक्स, थेल्स कंपनी, कंस्ट्रक्शन मैकेनिक्स के सेक्टर में लेग्रिस ग्रुप, पोक्लेन, एल्स्टॉम, सेरमेक्स, साइडल कंपनियां है।
इलेक्ट्रॉनिक कॉम्पनेंट के सेक्टर में लेग्रैंड, हैगर, श्नाइडर इलेक्ट्रिक कंपनियां, ऑटोमोबाइल के सेक्टर में फौरेशिया, मिशेलिन, प्लास्टिक ओम्नियम, रेनॉल्ट, वैलेओ कंपनियां है।
देश में फ्रांसीसी दूतावास के अनुमान के अनुसार, फ्रांसीसी कंपनियां भारत में करीब 3 लाख लोगों को रोजगार देती हैं। इसके साथ ही उनका बिजनेस 20 अरब डॉलर से ज्यादा है। वही, उनका न्यूनतम स्टॉक इन्वेस्टमेंट पोर्टफोलियो 19 अरब डॉलर का है।
भारत में फ्रांसीसी इन्वेस्टमेंट की बात करें तो फिर भारत के लिए फ्रांस एफडीआई का एक प्रमुख स्त्रोत बनकर उभरा है। पहले से ही देश में 1 हजार से ज्यादा कंपनियां मौजूद हैं। अप्रैल 2000 से दिसंबर 2022 तक 10.49 बिलियन डॉलर के संचाई इन्वेस्टमेंट के साथ फ्रांस भारत में 11 वां सबसे बड़ा विदेशी निवेशक है।
उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग के तरफ से उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के मुताबिक भारत में कुल एफडीआई प्रवाह का 1.68 फीसदी दर्शाता है। सबसे ज्यादा एफडीआई इक्विटी फ्लो सर्विस सेक्टर में 18.05 फीसदी है।
वही, अगर हम दूसरे स्थान की बात करते है तो फिर इसमें सीमेंट और जिप्सम उत्पाद 9.29 फीसदी हैं। इसके बाद हवाई परिवहन 7.59 फीसदी है साथ ही विविध उद्योग 7.24 फीसदी और पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस 7.10 फीसदी है।
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