नयी दिल्ली। छात्रों के लिए पढ़ाई का खर्च किसी टेंशन की तरह होता है। भारत में शिक्षा लगातार महंगी होती जा रही है। कई बार सरकार को इसके लिए आलोचना का भी सामना करना पड़ता है। अक्सर छात्र-छात्राएं शुरुआती शिक्षा के बाद हायर एजुकेशन हासिल नहीं कर पाते। इसकी एक वजह होती है परिवार की कमजोर आर्थिक हालत। मगर केंद्र और राज्य सरकारें होनहार छात्रों के लिए कई योजनाएं चलाती हैं, जिनके जरिए उन्हें आर्थिक मदद दी जाती है। ऐसी ही एक योजना केंद्र सरकार ने शुरू की थी। इस योजना के लाभार्थी छात्रों को हर महीने 7000 रु तक दिए जाते हैं।
हम बात कर रहे हैं किशोर वैज्ञानिक प्रोत्साहन योजना (केवीपीवाई) फेलोशिप की। इस योजना के तहत स्कूल से विश्वविद्यालय तक के छात्रों को आर्थिक मदद मिलती है। मगर ये आर्थिक मदद सिर्फ साइंस के छात्रों को दी जाती है। ये फेलोशिप स्कीम सरकारी है, जबकि इसका संचालन इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस (बैंगलोर) करता है। केवीपीवाई के जरिए 11वीं और 12वीं कक्षा के अलावा ग्रेजुएशन कर रहे छात्रों तक को आर्थिक मदद मिलती है।
जो छात्र साइंस के अलावा टेक्नोलॉजी या मेडिसिन क्षेत्र में काम कर रहे हैं उन्हें केवीपीवाई के तहत फेलोशिप मिल जाएगी। इस योजना की शुरुआत करीब 22 साल पहले 1999 में की गयी थी। इन 22 सालों में केवीपीवाई के जरिए साइंस के क्षेत्र में आगे बढ़ने वाले कई छात्रों की मदद की गयी है। केवीपीवाई के तहत 5000 रु और 7000 रु की 2 फेलोशिप मिलती हैं।
यदि आप साइंस के क्षेत्र में आगे बढ़ना चाहते हैं तो इस योजना के तहत आवेदन कर सकते हैं। बता दें कि केवीपीवाई का मकसद देश में मौजूद साइंस सेक्टर में होनहार छात्रों को मदद पहुंचाना है ताकि उनका फ्यूचर सेफ हो जाए। मगर ध्यान रहे कि इस योजना के तहत टेस्ट होता है। पास होने वाले छात्रों को ही फेलोशिप दी जाती है।
केवीपीवाई के तहत दो स्टेप में परिक्षा होती है। इनमें टेस्ट और इंटरव्यू शामिल हैं। पहले आपका ऑनलाइन एप्टिट्यूड टेस्ट होगा। फिर इंटरव्यू लिया जाएगा। ये परीक्षा नेशनल लेवल पर होती है। केवीपीवाई के लिए 10वीं में आपके साइंस और मैथ में 75 फीसदी नंबर होने चाहिए। अनुसूचित जाति, जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग यानी ओबीसी छात्रों को इसमें 10 फीसदी छूट मिलती है। इसके अलावा ग्रेजुएशन के फर्स्ट ईयर छात्रों के 12वीं में 60 फीसदी नंबर होने चाहिए। मगर आरक्षित कैटेगरी के छात्रों को यहां भी 10 फीसदी की छूट मिलेगी।
एक और योजना है जिसके तहत हर महीने 8000 रु तक की मदद मिल सकती है। ये है प्रधानमंत्री रिसर्च फैलोशिप स्कीम। इस स्कॉलरशिप को मानव संसाधन विकास मंत्रालय चलाता है। इसका मकसद तकनीकी रिसर्च स्टडी को बढ़ावा देने के साथ साथ छात्रों को डॉक्टरेट के लिए प्रेरित करना है। योजना के तहत छात्रों को हर महीने 80000 रु मिलते हैं। अगर आप चाहें तो मई और दिसंबर में अप्लाई कर सकते हैं। आपको दिए लिंक (https://dec2020.pmrf.in/) पर और जानकारी मिल सकती है।
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