Pashu Palan Kisan Credit Card: भारत सरकार किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) योजना का विस्तार करके पशुपालन को शामिल करके कृषि क्षेत्र के लिए अपने समर्थन को व्यापक बना रही है। इस विस्तार का उद्देश्य पशुपालकों को वित्तीय सहायता प्रदान करना है, जिससे वे गाय, भैंस, भेड़, बकरी, सूअर और मुर्गियों जैसे विभिन्न कृषि पशुओं के रखरखाव से जुड़ी लागतों को पूरा कर सकें।

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केसीसी के माध्यम से किसान 3 लाख रुपए तक का लोन प्राप्त कर सकते हैं, जिसका उपयोग अपने पशुओं के स्वास्थ्य और प्रोडक्टविटी को बनाए रखने के लिए किया जा सकता है।

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पशुपालकों को सहायता देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए मध्य प्रदेश सरकार ने पशुपालन के लिए विशेष रूप से 6 लाख 4 हजार 411 किसान क्रेडिट कार्ड जारी करने का लक्ष्य घोषित किया है। अब तक राज्य के किसानों के बीच लगभग 4 लाख 76 हजार विशेष केसीसी बांटे जा चुके हैं। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर उजागर की गई यह पहल पशुपालन को अधिक आकर्षक और किसानों को अधिक आत्मनिर्भर बनाने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है।

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डॉ. मोहन यादव ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा, किसान क्रेडिट कार्ड पशुपालन योजना के माध्यम से पशुपालक किसानों को आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाने की दिशा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यह पहल बहुत अच्छी साबित हो रही है। यह पशुपालन में लगे किसानों की आर्थिक खुशहाली बढ़ाने के लिए सरकार की मजबूती को दिखती है।

केसीसी योजना पशुपालकों को कई फायदे मुहैया करती है। विशेष रूप से वे बिना ज़मीन गिरवी रखे 1.60 लाख रुपए तक का किसान क्रेडिट कार्ड (पशु पालन) प्राप्त कर सकते हैं। इससे ज़्यादा किसानों के लिए ऋण प्राप्त करना आसान हो जाता है। इसके अलावा केसीसी के माध्यम से प्राप्त लोन 7 प्रतिशत प्रति वर्ष की ब्याज दर के साथ आते हैं।

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समय पर रीपेमेंट को प्रोत्साहित करने के प्रयास में यह योजना 2 लाख रुपए तक के लोन के लिए 3% प्रति वर्ष की प्रोत्साहन राशि भी प्रदान करती है, जो समय से पहले चुकाने वालों के लिए ब्याज दर को प्रभावी रूप से घटाकर 4% प्रति वर्ष कर देती है।

इस पहल का उद्देश्य न केवल किसानों के लिए ऋण तक आसान पहुंच को बेहतर बनाना है, बल्कि पशुपालन क्षेत्र में विकास और प्रोडक्टविटी को भी आगे बढ़ाना है। बिना किसी जमानत के वित्तीय सहायता प्रदान करके सरकार पशुपालन में लगे किसानों की समृद्धि तय करने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। इस कदम से कृषि क्षेत्र पर अच्छा प्रभाव पड़ने की उम्मीद है, जिससे इसके समग्र विकास और स्थिरता में योगदान मिलेगा।