नयी दिल्ली। आज कर्नाटक के मुख्यमंत्री बी.एस. येदियुरप्पा ने राज्य का बजट पेश किया। येदियुरप्पा द्वारा पेश किया गया ये राज्य का आठवां बजट रहा। बजट में राज्य सरकार ने स्टाम्प ड्यूटी में कटौती करने का फैसला किया। अपने पड़ोसी राज्य महाराष्ट्र की देखी-देखा कर्नाटक ने 35 लाख रुपये से 45 लाख रुपये के बीच कीमत वाले घरों पर स्टाम्प ड्यूटी को 3 फीसदी तक कम करने का फैसला किया है। बता दें कि महाराष्ट्र सरकार ने पिछले साल सीमित अवधि के लिए स्टाम्प ड्यूटी घटाई थी, जिसके कारण वहां बिक्री में बड़ी वृद्धि देखी गयी। अब स्टाम्प ड्यूटी कम करने का ऐलान कर्नाटक ने किया है।
अभी तक कर्नाटक में 35 से 45 लाख रु तक के मकानों के लिए स्टाम्प ड्यूटी 5 फीसदी थी। मगर अब इसे कम करके 3 फीसदी कर दिया गया है। राज्य के मुख्यमंत्री, जिनके पास फाइनेंस डिपार्टमेंट भी है, ने पहले ही संकेत दिया था कि कोविड-19 का प्रभाव बजट पर दिखाई देगा। येदियुरप्पा ने कहा कि कोविड-19 महामारी के बीच हमें पूरे कर्नाटक में सभी जिलों में डेवलपमेंट सुनिश्चित करना है। इस बार महिला सशक्तिकरण, पर्यटन, कृषि और सिंचाई पर जोर दिया जाएगा।
रियल एस्टेट सर्विस कंपनी एनारॉक रिसर्च के आंकड़ों के अनुसार वर्तमान में बेंगलुरु में सभी बजट सेगमेंट्स में लगभग 59,350 इकाइयों का स्टॉक है। इसमें से सिर्फ 24 फीसदी ही 45 लाख रु मूल्य ब्रैकेट के अंदर है, जबकि 64 फीसदी 45 लाख रु से 1.5 करोड़ रु की बजट सीमा में है। कर्नाटक बजट की अन्य बड़े ऐलानों पर नजर डालें तो अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर बजट पेश करते हुए राज्य के मुख्यमंत्री ने 30 करोड़ रुपये के खर्च से बेंगलुरु में परिधान क्षेत्र की महिला मजदूरों को रियायती दर पर बीएमटीसी (बैंगलोर मेट्रोपॉलिटन ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन) बस पास देने के लिए 'वनिता संगति' कार्यक्रम शुरू करने की घोषणा की।
येदियुरप्पा ने सुरक्षित शहर परियोजना के तहत बेंगलुरु शहर के सार्वजनिक स्थानों पर 7,500 कैमरे लगाने की भी घोषणा की। उन्होंने कामकाजी महिलाओं के लिए अनुकूल माहौल बनाने के लिए विभिन्न कानूनों और नियमों का फिर से परीक्षण करने का भी प्रस्ताव रखा। पंचायत राज व्यवस्था में जेंडर बजट और चाइल्ड बजट को शामिल करने के लिए भी प्रस्ताव रखा गया है।
सरकार ने 'एलेवेट वूमेन एंटरप्रेन्योरशिप' कार्यक्रम लागू करके महिला उद्यमियों को सपोर्ट करने का प्रस्ताव रखा। इसके लिए 5 करोड़ रुपये की राशि आवंटित की गयी है। स्व-सहायता समूहों को मजबूत करने के लिए एक स्व-सहायता समूह नीति लाई जाएगी। इसी तरह 'संजीवनी' कार्यक्रम के तहत ग्रामीण महिला स्वयं सहायता समूहों के लिए 6,000 सूक्ष्म उद्यमों की स्थापना की जाएगी। इससे 60000 महिलाओं को फायदा मिलेगा। सरकारी महिला कर्मचारियों को मातृत्व अवकाश (मैटरनिटी लीव) के साथ 6 महीने की चाइल्ड केयर लीव दी जाएगी।
उन्होंने शहरी कामकाजी महिलाओं के लाभ के लिए बेंगलुरु और अन्य शहरों में स्थित आंगनवाड़ियों को क्रेच में बदलने का प्रस्ताव रखा। प्रत्येक जिला केंद्र में दो प्रमुख सरकारी कार्यालयों में क्रेच खोले जाएंगे। ये ऐलान भी मुख्यमंत्री ने महिलाओं को लाभान्वित करने की पहल के तहत किया। सरकार ब्रुहट बेंगलुरु महानगर पालिके (बीबीएमपी) के 57 वार्डों में 10 करोड़ रुपये के खर्च पर जनरोगी केंद्र स्थापित करेगी। अल्पसंख्यकों के के लिए बजट में 1,500 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
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