कल से शुरू: कांवड़ यात्रा को देखते हुए 4 से 12 अगस्त तक दिल्ली-हरिद्वार हाईवे पर इमरजेंसी वाहनों को छोड़कर बाकी सभी गाड़ियों की एंट्री बंद रहेगी। प्रशासन के मुताबिक, भारी वाहनों पर पाबंदी 30 जुलाई से ही लागू हो चुकी है, जबकि 11 अगस्त तक श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रहने की उम्मीद है। इस दौरान गंगा नहर रोड समेत मुख्य कॉरिडोर पूरी तरह बंद रहेगा।
यह पाबंदी मुख्य रूप से नेशनल हाईवे 334 (पुराना NH-58) पर लागू होगी, जो मेरठ, मुजफ्फरनगर, रुड़की और हरिद्वार को जोड़ता है। उत्तर प्रदेश में दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे का हिस्सा भी 7 से 12 अगस्त तक बंद रहेगा। वहीं, दिल्ली पुलिस ने दिल्ली-देहरादून कॉरिडोर को लेकर भी व्यापक ट्रैफिक प्रतिबंध जारी किए हैं। भारी वाहनों पर पूर्ण प्रतिबंध से पहले चरणबद्ध तरीके से रोक लगाई जा रही है।
कांवड़ यात्रा ट्रैफिक एडवाइजरी: इन रास्तों और डायवर्जन का करें इस्तेमाल
लंबी दूरी तय करने वाले यात्रियों को पुलिस ने ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे, हापुड़ के रास्ते नेशनल हाईवे 9 और दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के खुले हुए हिस्सों का इस्तेमाल करने की सलाह दी है। मेरठ जोन के अधिकारियों के अनुसार, कांवड़ यात्रियों को दिल्ली-देहरादून कॉरिडोर पर जाने से हतोत्साहित किया जा रहा है, जिससे आम यात्रियों के लिए यह एक बेहतर विकल्प बन सकता है। यात्रा से पहले गाजियाबाद और मेरठ ट्रैफिक पुलिस द्वारा जारी स्थानीय डायवर्जन का पालन जरूर करें।
| कहां से कहां तक | सुझाया गया रास्ता | जरूरी नोट |
|---|---|---|
| दिल्ली–देहरादून | EPE से दिल्ली–देहरादून एक्सप्रेसवे | केवल उन्हीं हिस्सों का उपयोग करें जो आम ट्रैफिक के लिए खुले हैं। |
| दिल्ली–हरिद्वार | EPE और NH-9 (हापुड़ की ओर), फिर लोकल डायवर्जन | 4 से 12 अगस्त के बीच NH-334 पर जाने से बचें। |
| दिल्ली–सहारनपुर बेल्ट | बागपत/हापुड़ कनेक्टर की ओर EPE का इस्तेमाल करें | रियल-टाइम अपडेट के लिए जिला एडवाइजरी चेक करते रहें। |
कांवड़ यात्रा: बस सेवा, हेल्पलाइन नंबर और लाइव अपडेट
यात्रियों की भारी संख्या को देखते हुए 30 जुलाई से 11 अगस्त तक गाजियाबाद-हरिद्वार रूट पर 350 अतिरिक्त बसें चलाई जा रही हैं। हालांकि, दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे बंद होने के दौरान इन बसों के रूट बदले जा सकते हैं। किसी भी सहायता के लिए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के हेल्पलाइन नंबर 1095 या 011-25844444 पर कॉल करें, या राष्ट्रीय आपातकालीन नंबर 112 की मदद लें। सफर शुरू करने से पहले ताजा ट्रैफिक अपडेट जरूर देख लें।
दिल्ली-हरिद्वार कॉरिडोर: लॉजिस्टिक्स और डिलीवरी पर पड़ेगा असर
माल ढुलाई करने वाले ऑपरेटर्स को ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे के उत्तर या पूर्व की ओर से वैकल्पिक रास्ते प्लान करने चाहिए। भारी वाहनों पर 30 जुलाई से लगी रोक और 4-12 अगस्त तक हाईवे पूरी तरह बंद रहने के कारण उत्तराखंड की ओर जाने वाले माल की डिलीवरी में देरी हो सकती है। लॉजिस्टिक्स विशेषज्ञों का कहना है कि कांवड़ यात्रा जैसे बड़े आयोजनों से कॉरिडोर की रफ्तार धीमी हो जाती है, इसलिए अपने शेड्यूल में 24 से 72 घंटे का अतिरिक्त समय (बफर) लेकर चलें।
शहरों की बात करें तो गाजियाबाद में दिल्ली-मेरठ रोड पर 12 अगस्त तक डायवर्जन रहेगा। मेरठ में 29 जुलाई से ही मेगा ट्रैफिक प्लान लागू कर दिया गया है। मुजफ्फरनगर में 29 जुलाई की आधी रात से भारी वाहनों और 4 से 12 अगस्त तक सभी वाहनों की एंट्री बंद रहेगी। उत्तराखंड पुलिस ने भी सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं और कांवड़ियों के लिए अलग लेन बनाई है। 30 जुलाई से 11 अगस्त के बीच लाइव अपडेट के लिए जिला ट्रैफिक पुलिस और दिल्ली पुलिस के सोशल मीडिया हैंडल पर नजर रखें।
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